लाड़ली बहना योजना में छूटी महिलाओं को मिलेगा मौका, फिर खुल सकता है पंजीयन पोर्टल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर वंचित महिलाओं की संख्या जुटाने की तैयारी, पंजीयन की तारीख अभी घोषित नहीं

भोपाल। मध्य प्रदेश की मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना से अब तक वंचित रह गई महिलाओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। प्रदेश सरकार योजना में छूट गई महिलाओं को जोड़ने की तैयारी कर रही है। स्वास्थ्य राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल के मुताबिक, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ऐसी महिलाओं की संख्या का आकलन करने और उनके पंजीयन की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए योजना का पोर्टल दोबारा खोले जाने की तैयारी की जा रही है।
हालांकि, अभी तक नए पंजीयन की तारीख और आवेदन की समय-सीमा घोषित नहीं की गई है। सरकार पहले यह पता लगाएगी कि कितनी महिलाएं अब तक योजना का लाभ पाने से वंचित हैं। इसके बाद पंजीयन की प्रक्रिया और पोर्टल खोलने को लेकर निर्णय लिया जा सकता है।
41 किस्तों का हो चुका है भुगतान
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की शुरुआत जून 2023 में हुई थी। योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जाती है। अक्टूबर 2026 तक योजना की 41वीं किस्त जारी किए जाने की जानकारी दी गई है। हाल ही में उमरिया जिले के गुरुवाही ग्राम में आयोजित राज्य स्तरीय लाड़ली बहना सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिंगल क्लिक के माध्यम से करीब 1.25 करोड़ पात्र महिलाओं के खातों में राशि अंतरित की। इसके लिए 1834 करोड़ रुपये से अधिक की राशि भेजे जाने का उल्लेख किया गया है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए योजना में 23,882.81 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। अब सरकार की तैयारी उन महिलाओं तक भी योजना का लाभ पहुंचाने की है, जो किसी कारणवश पहले पंजीयन नहीं करा सकी थीं।
कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना
योजना में छूटी महिलाओं को जोड़ने की तैयारी पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने कहा कि सरकार को ढाई साल बाद ऐसी महिलाओं की याद आई है। उन्होंने लाड़ली बहनों को आर्थिक सहायता बढ़ाकर 3000 रुपये करने के वादे का जिक्र करते हुए सरकार की आलोचना की।
नायक ने आरोप लगाया कि चुनाव नजदीक आने के साथ सरकार को लाड़ली बहनों की याद आ रही है और रोजगार, महंगाई तथा कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने बुजुर्ग महिलाओं को योजना में शामिल नहीं किए जाने का मुद्दा भी उठाया।
पंजीयन की तारीख पर नजर
फिलहाल योजना में नए नाम जोड़ने की प्रक्रिया को लेकर सरकार की ओर से अंतिम कार्यक्रम घोषित नहीं हुआ है। ऐसे में योजना से वंचित महिलाओं को पोर्टल खुलने और पात्रता संबंधी दिशा-निर्देशों की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा।













