ट्रेन में तेज आवाज में मोबाइल चलाने पर हो सकती है कार्रवाई, यात्रियों को शांति बनाए रखने की सलाह
बिना इयरफोन के गाने और रील चलाने या स्पीकर पर तेज आवाज में बात करने से सहयात्रियों को परेशानी, शिकायत होने पर रेलवे कर्मचारियों से कर सकते हैं संपर्क

नई दिल्ली। ट्रेन में सफर के दौरान मोबाइल पर तेज आवाज में गाने बजाना, बिना इयरफोन के वीडियो या रील देखना और स्पीकरफोन पर ऊंची आवाज में बात करना दूसरे यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है। खासकर रात के समय ऐसी गतिविधियों से यात्रियों की नींद और आराम प्रभावित होता है। रेलवे में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए यात्रियों को ऐसी हरकतों से बचने और शिकायत मिलने पर संबंधित कर्मचारियों को सूचना देने की सलाह दी जाती है।
रेल यात्रा के दौरान प्रत्येक यात्री से अपेक्षा की जाती है कि वह सहयात्रियों की सुविधा का ध्यान रखे। यदि कोई यात्री तेज आवाज में मोबाइल चलाकर दूसरों को परेशान करता है या मना करने पर विवाद करता है, तो मामले की परिस्थितियों के अनुसार रेलवे प्रशासन कार्रवाई कर सकता है। हालांकि, तेज आवाज में मोबाइल चलाने पर सीधे 6 महीने की कैद और 5000 रुपये जुर्माना होने का दावा संबंधित कानूनी प्रावधान की पुष्टि के बिना नहीं किया जाना चाहिए।
टीटीई और रेलवे कर्मचारियों को दें सूचना
यदि किसी कोच में कोई यात्री लगातार तेज आवाज में मोबाइल चला रहा है और अनुरोध के बावजूद आवाज कम नहीं करता, तो प्रभावित यात्री टिकट परीक्षक (टीटीई), कोच अटेंडेंट या ड्यूटी पर तैनात रेलवे कर्मचारी को इसकी जानकारी दे सकते हैं। शिकायत का समाधान नहीं होने पर रेलमदद के माध्यम से भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
यदि विवाद बढ़ने लगे या मारपीट की आशंका हो, तो यात्री स्वयं भिड़ने के बजाय रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की सहायता लें।
इन बातों का रखें ध्यान
ट्रेन में मोबाइल पर गाने, वीडियो और रील सुनने के लिए इयरफोन का इस्तेमाल करें। रात के समय रिंगटोन और बातचीत की आवाज धीमी रखें। स्पीकरफोन पर लंबी बातचीत करने से बचें और दूसरे यात्रियों की नींद तथा निजता का सम्मान करें।
रेल यात्रा सार्वजनिक स्थान पर सामूहिक सफर है। थोड़ी-सी सावधानी और आपसी सहयोग से अनावश्यक विवादों से बचा जा सकता है और सभी यात्रियों की यात्रा अधिक आरामदायक बनाई जा सकती है।













