सिंगरौली में 8 साल की बच्ची से कथित दरिंदगी का मामला, पिता का जंगल में मिला शव; सौतेली मां फरार
चितरंगी क्षेत्र का मामला, बच्ची अस्पताल में भर्ती; पिता पर दुष्कर्म और सौतेली मां पर गर्म चिमटे से दागने के आरोप, पुलिस को विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार

सिंगरौली। मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले के चितरंगी थाना क्षेत्र से 8 साल की बच्ची के साथ कथित अमानवीय व्यवहार का गंभीर मामला सामने आया है। बच्ची ने अपने पिता पर दुष्कर्म और सौतेली मां पर मारपीट कर गर्म चिमटे से उसके निजी अंग को दागने के आरोप लगाए हैं। बच्ची का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। मामले में नया मोड़ उस समय आया, जब 9 सितंबर को आरोपी पिता का शव जंगल में फांसी के फंदे से लटका मिला। वहीं, आरोपी सौतेली मां की तलाश जारी है।
जानकारी के अनुसार, 23 अगस्त को महिला पुलिस बच्ची को बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष लेकर पहुंची थी। वहां बच्ची ने अपने साथ हुई कथित घटना के बारे में बताया। आरोप है कि पिता ने उसके साथ गलत काम किया और दर्द के कारण खाना नहीं बनाने पर सौतेली मां ने उसके साथ मारपीट की। बच्ची ने यह भी आरोप लगाया कि पेट के निचले हिस्से में दर्द की शिकायत करने पर सौतेली मां ने गर्म चिमटे से उसके निजी अंग को दाग दिया।
अस्पताल में चल रहा उपचार, पहले भी ले जाया गया था बाहर
बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष आर.डी. पांडेय के अनुसार, बच्ची की स्थिति को देखते हुए उसे विशेष चिकित्सकीय देखरेख में रखा गया है। बताया गया कि शुरुआती उपचार के दौरान आरोपी पिता कथित तौर पर बच्ची को अस्पताल से अपने साथ ले गया था। बाद में पुलिस और प्रशासन की मदद से बच्ची को बरामद कर वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से दोबारा अस्पताल में भर्ती कराया गया।
जिला अस्पताल की सिविल सर्जन डॉ. कल्पना रवि के अनुसार, बच्ची को आईसीयू में रखकर चिकित्सकीय टीम उसकी निगरानी कर रही है। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक भी बच्ची की स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और फिलहाल उसकी हालत स्थिर है।

मेडिकल रिपोर्ट को लेकर अलग-अलग जानकारी
मामले में मेडिकल रिपोर्ट को लेकर भी सवाल उठे हैं। सिविल सर्जन ने कहा कि यदि पुलिस की ओर से मेडिकल परीक्षण कराया गया होगा, तो रिपोर्ट प्राप्त होने पर जानकारी मिल सकेगी। दूसरी ओर, पुलिस अधीक्षक षियाज के.एम. के अनुसार, पुलिस को अभी विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है। उनके मुताबिक, बच्ची के दो अलग-अलग बयान सामने आए हैं। पहले बयान में दुष्कर्म का उल्लेख नहीं था, जबकि दूसरे बयान में पिता पर सीधे आरोप लगाए गए। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक मेडिकल रिपोर्ट में गंभीर आंतरिक चोटों की पुष्टि नहीं हुई थी। अब विस्तृत चिकित्सकीय और फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट मिलने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पिता का शव मिला, सौतेली मां की तलाश जारी
घटना के बाद आरोपी पिता का शव 9 सितंबर को जंगल में फांसी के फंदे से लटका मिला। उसकी मौत के कारणों और परिस्थितियों की पुष्टि जांच के आधार पर ही हो सकेगी। वहीं, मामले में आरोपित सौतेली मां अभी फरार बताई जा रही है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
सांसद ने बेहतर उपचार के लिए पहल का दिया भरोसा
इस मामले में सीधी-सिंगरौली संसदीय क्षेत्र के सांसद डॉ. राजेश मिश्रा से भी फोन पर बातचीत की गई। सांसद ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि वे तत्काल पुलिस अधीक्षक और मुख्य चिकित्सा अधिकारी से बात करेंगे। यदि बच्ची की स्थिति गंभीर है और उसे बेहतर उपचार के लिए दूसरे जिले में भेजने की आवश्यकता है, तो उसे शिफ्ट कराने के लिए पहल करेंगे।
फिलहाल इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण बच्ची को बेहतर उपचार उपलब्ध कराना, उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना और आरोपों की निष्पक्ष जांच करना है। बाल कल्याण समिति बच्ची की निगरानी कर रही है, जबकि पुलिस फरार महिला की तलाश के साथ मामले से जुड़े साक्ष्य जुटा रही है।













