हैवी ब्लास्टिंग से थर्राया वार्ड नंबर 9, घरों से बाहर निकले लोग; एनसीएल से तत्काल रोक लगाने की मांग
रविवार दोपहर 1:28 बजे तेज धमाके से दहशत में आए खदान से सटे रहवासी, सीएमडी और निदेशक ऑपरेशन से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग

सिंगरौली। खदान में हुई हैवी ब्लास्टिंग से रविवार को वार्ड नंबर 9 में दहशत का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, दोपहर करीब 1:28 बजे हुए तेज धमाके से पूरा वार्ड थर्रा उठा। खदान से सटे घरों में रहने वाले लोग घबराकर बाहर निकल आए। लोगों का कहना है कि ब्लास्टिंग इतनी तेज थी कि उन्हें लगा मानो इमारतें हिलकर जमींदोज हो जाएंगी।
घटना के बाद क्षेत्र के रहवासियों ने एनसीएल प्रबंधन से हैवी ब्लास्टिंग पर तत्काल रोक लगाने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। स्थानीय लोगों ने एनसीएल के सीएमडी एन. फ्रैंकलिन जयकुमार और निदेशक ऑपरेशन आशुतोष द्विवेदी से मामले में हस्तक्षेप कर जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि खदान के नजदीक तेज ब्लास्टिंग से घरों में रहने वाले लोगों के बीच भय का माहौल बन रहा है। उन्होंने मांग की है कि एनसीएल प्रबंधन ब्लास्टिंग की प्रक्रिया की तत्काल समीक्षा करे और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराए। साथ ही, ओबी कंपनियों की ब्लास्टिंग गतिविधियों की जांच कर नियमों के उल्लंघन की स्थिति में कार्रवाई की जाए।रहवासियों का कहना है कि आम जनता के घरों और जान-माल की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने प्रबंधन से प्रभावी कदम उठाने और समस्या का शीघ्र समाधान करने की मांग की है।
स्थानीय लोगों ने 30 सितंबर को हुए घेराव का हवाला देते हुए कहा कि यदि तेज ब्लास्टिंग पर तत्काल रोक नहीं लगी और सुरक्षा के प्रभावी उपाय नहीं किए गए, तो वे फिर से आंदोलन करने को मजबूर हो सकते हैं। रहवासियों ने चेतावनी दी है कि जरूरत पड़ने पर वे एनसीएल मुख्यालय का रुख करेंगे।फिलहाल, इस मामले में एनसीएल प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ब्लास्टिंग से घरों को वास्तविक नुकसान पहुंचा है या नहीं, इसकी स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हुई है। अब देखना होगा कि प्रबंधन स्थानीय लोगों की शिकायत पर क्या कदम उठाता है।













