देश विदेशबड़ी खबरब्रेकिंग न्यूज़

मरीज की मौत के बाद खुला अस्पताल, जांच में मिलीं एक्सपायरी दवाएं; अश्विनी हॉस्पिटल फिर सील

जबलपुर में औषधि विभाग की कार्रवाई, बिना ड्रग लाइसेंस के दवाओं का भंडारण करने का मामला आया सामने; अस्पताल संचालिका जांच के दौरान अनुपस्थित

जबलपुर। कटंगी रोड पर माल बाबा मंदिर, खैरी के सामने स्थित अश्विनी हॉस्पिटल में मरीज की मौत के मामले की जांच के दौरान गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग और औषधि विभाग की संयुक्त टीम ने सीलबंद अस्पताल को खोलकर जांच की। इस दौरान बड़ी मात्रा में दवाइयां मिलीं, जिनमें कई दवाइयां एक्सपायरी पाई गईं। दवाओं के भंडारण और विक्रय के लिए वैध ड्रग लाइसेंस नहीं होने की जानकारी भी सामने आई। टीम ने दवाइयों को जब्त कर अस्पताल को दोबारा सील कर दिया।
मामला 3 अक्टूबर का है। अस्पताल में इलाज के दौरान झगरा कोयला भट्टा मोहल्ला निवासी 19 वर्षीय शेखर चौधरी की मौत हो गई थी। इसके बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस, तहसीलदार और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची थी और अस्पताल को सील कर दिया गया था।

गर्भवती महिलाओं और बच्चों के इलाज की दवाइयां भी मिलीं
मंगलवार दोपहर जांच के लिए अस्पताल खोला गया। कार्रवाई के दौरान ड्रग इंस्पेक्टर प्रवीण पटेल, पनागर बीएमओ श्रीपति मिश्रा, मेडिकल ऑफिसर डॉ. पीयूष द्विवेदी, शासकीय फार्मासिस्ट पंकज दहाड़े और बेलखेड़ा चौकी प्रभारी एसआई अमित मिश्रा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
औषधि निरीक्षक प्रवीण पटेल के अनुसार, अस्पताल में गर्भवती महिलाओं और बच्चों के उपचार में इस्तेमाल होने वाली दवाइयां भी मिलीं। इनमें कुछ दवाइयां एक्सपायरी थीं, जबकि कुछ सामान्य थीं। जांच में दवाइयों के भंडारण और बिक्री के लिए वैध औषधि अनुज्ञप्ति नहीं होने की बात सामने आई।

टीम ने बीएमओ, फार्मासिस्ट और मृतक के परिजनों की मौजूदगी में पंचनामा तैयार किया। बरामद दवाइयों को कार्टून बॉक्स में रखकर सील किया गया और जब्ती सूची तैयार की गई। विभाग के अनुसार, आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए दस्तावेज संबंधित अधिकारियों को भेजे जा रहे हैं। जांच के बाद अस्पताल को फिर से सील कर दिया गया।

जांच के दौरान अस्पताल संचालिका नहीं पहुंचीं
कार्रवाई के दौरान अस्पताल संचालिका डॉ. सरिता साहू मौके पर उपस्थित नहीं थीं। खबर के मुताबिक, अधिकारियों और उनकी मां द्वारा फोन कर सूचना देने के बावजूद वह जांच टीम के सामने नहीं पहुंचीं। अब पुलिस और स्वास्थ्य विभाग मामले में आगे की कार्रवाई की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि, अस्पताल संचालिका का पक्ष सामने आने के बाद ही इस संबंध में स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

शिशु मंगल हॉस्पिटल का पंजीयन और लाइसेंस 15 दिन के लिए निलंबित
इसी बीच जबलपुर के राइट टाउन स्थित शिशु मंगल हॉस्पिटल के खिलाफ भी स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवीन कोठारी ने अनमोल और पीसीपीएनडीटी पोर्टल पर निर्धारित प्रविष्टियां नहीं किए जाने तथा निरीक्षण में मिली अन्य अनियमितताओं के चलते अस्पताल का पंजीयन और लाइसेंस 15 दिन के लिए निलंबित कर दिया है।

जानकारी के अनुसार, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विनीता उप्पल, नोडल अधिकारी डॉ. आदर्श विश्नोई और पीसीपीएनडीटी शाखा के सौरभ चोटिल ने अस्पताल का संयुक्त निरीक्षण किया था। निरीक्षण के बाद यह कार्रवाई की गई।
सीएमएचओ ने स्पष्ट किया है कि सभी निजी अस्पतालों के लिए अनमोल और पीसीपीएनडीटी पोर्टल पर निर्धारित प्रविष्टियां करना तथा मरीजों की सुरक्षा और चिकित्सा सेवाओं के तय मानकों का पालन करना अनिवार्य है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

Author

Related Articles

Back to top button