सिंगरौली नगर निगम परिषद की बैठक में जमकर हंगामा, पार्षदों के निलंबन की मांग पर गरमाया माहौल
महापौर रानी अग्रवाल और विधायक रामनिवास शाह रहे मौजूद, सड़क, पानी, बिजली और सफाई के मुद्दों पर सत्ता-विपक्ष के पार्षदों में तीखी नोकझोंक

सिंगरौली। नगर निगम परिषद की बैठक में गुरुवार को जमकर हंगामा हुआ। बैठक शुरू होते ही पार्षद अनिल कुमार वैश और परमेश्वर पटेल को परिषद से निलंबित करने की मांग को लेकर कई पार्षदों ने आवाज उठाई। स्थिति बिगड़ती देख नगर निगम अध्यक्ष देवेश पांडे ने पुलिस को भी बुला लिया। करीब 3 घंटे तक चली बैठक में शहर की बदहाल सड़कों, अनियमित जलापूर्ति, बंद स्ट्रीट लाइटों और सफाई व्यवस्था जैसे मुद्दों पर पार्षदों ने सवाल उठाए। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के पार्षदों के बीच तीखी बहस और नोकझोंक देखने को मिली।
बैठक में महापौर रानी अग्रवाल, सिंगरौली विधायक रामनिवास शाह, नगर निगम अध्यक्ष देवेश पांडे और निगम आयुक्त सविता प्रधान सहित पार्षद मौजूद रहे। परिषद की कार्यवाही के दौरान कई पार्षदों ने अपने-अपने वार्डों की समस्याएं उठाते हुए संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा।
निलंबन की मांग को लेकर बढ़ा विवाद
बैठक की शुरुआत में ही पार्षद अनिल कुमार वैश और परमेश्वर पटेल को परिषद से निलंबित करने की मांग उठने लगी। इस मुद्दे पर पार्षदों के बीच बहस तेज हो गई और परिषद का माहौल गर्मा गया। हंगामे को देखते हुए अध्यक्ष देवेश पांडे ने पुलिस बुला ली। इसके बाद परिषद की कार्यवाही के बीच विभिन्न वार्डों की समस्याओं पर चर्चा हुई।
सड़क, पानी और सफाई व्यवस्था पर घेरा
विपक्षी पार्षदों ने शहर की खराब सड़कों और अनियमित जलापूर्ति को लेकर महापौर तथा निगम प्रशासन से सवाल किए। कई वार्डों में स्ट्रीट लाइट बंद रहने और समय पर कचरा नहीं उठाए जाने की शिकायतें भी उठीं। कुछ पार्षदों ने विकास कार्यों में भेदभाव किए जाने का आरोप लगाते हुए विरोध जताया।
वहीं, नगर निगम अध्यक्ष देवेश पांडे ने विकास कार्यों में अनियमितता और भेदभाव के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कार्य नियमानुसार किए जा रहे हैं। निगम आयुक्त सविता प्रधान ने पार्षदों को आश्वस्त किया कि बैठक में उठाई गई आपत्तियों और लंबित शिकायतों के निराकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
महापौर और विधायक ने भी रखा पक्ष
बैठक में महापौर रानी अग्रवाल ने भी अपना पक्ष रखा। वहीं, विधायक रामनिवास शाह ने पार्षदों से आपसी मतभेद भुलाकर शहर के विकास के लिए एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि नगर निगम का कार्यकाल अब 1 वर्ष से भी कम बचा है। ऐसे में सभी जनप्रतिनिधियों को शहर के विकास कार्यों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
विधायक ने कहा कि आने वाले महीनों में चुनाव के दौरान जनता विकास कार्यों को लेकर जनप्रतिनिधियों से सवाल करेगी। इसलिए जरूरी है कि सभी लोग मिलकर शहर की समस्याओं का समाधान करें और विकास कार्यों को प्राथमिकता दें।
हंगामे के बीच प्रस्तावों पर लगी मुहर
करीब 3 घंटे तक चली बैठक में हंगामे और तीखी बहस के बावजूद कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक समाप्त होने के बाद भी कुछ पार्षद निगम परिसर में अपनी मांगों और वार्डों की समस्याओं को लेकर चर्चा करते नजर आए। बैठक में उठे मुद्दों के बाद अब लंबित शिकायतों के निराकरण और विकास कार्यों पर निगम प्रशासन की कार्रवाई पर नजर रहेगी।













