ट्रेनों में खाने की गुणवत्ता पर रेलवे की सख्ती, अब होगा थर्ड पार्टी ऑडिट
आईआरसीटीसी और क्यूसीआई के बीच समझौता, जियो-टैगिंग और फोटो साक्ष्य के साथ 24 घंटे में देनी होगी निरीक्षण रिपोर्ट

नई दिल्ली। भारतीय रेलवे में यात्रियों को परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। इसके तहत भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) ने क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (क्यूसीआई) के साथ समझौता किया है। अब ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों की खानपान इकाइयों का थर्ड पार्टी ऑडिट किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान डिजिटल साक्ष्य जुटाए जाएंगे और जियो-टैगिंग, समय की जानकारी तथा तस्वीरों के साथ 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट देनी होगी।
रेलवे की इस पहल का उद्देश्य भोजन तैयार करने से लेकर यात्रियों को परोसने तक की प्रक्रिया में स्वच्छता और गुणवत्ता के मानकों का पालन सुनिश्चित करना है। वंदे भारत, राजधानी, शताब्दी, तेजस सहित लंबी दूरी की ट्रेनों में खानपान सेवाओं की निगरानी इस व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी।
1453 ट्रेनों में खानपान सेवाओं की निगरानी
आईआरसीटीसी रेलवे स्टेशनों के अलावा 1453 ट्रेनों में खानपान सेवाएं उपलब्ध कराता है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025-26 के दौरान ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर 60 करोड़ से अधिक थालियां परोसी गईं। प्रतिदिन लगभग 18 लाख थालियां वितरित की जाती हैं। इतने बड़े स्तर पर भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता बनाए रखना रेलवे के लिए महत्वपूर्ण चुनौती है।
रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2024-25 में खानपान सेवाओं को लेकर 6645 शिकायतें मिली थीं। पिछले 3 वर्षों में दोषी सेवा प्रदाताओं पर 2.6 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया। 1300 से अधिक मामलों में आर्थिक दंड लगाया गया, जबकि 2995 मामलों में कैटरर्स को चेतावनी और 1500 से अधिक मामलों में सुधारात्मक निर्देश जारी किए गए।
एआई कैमरों से रसोई पर निगरानी
खानपान सेवाओं की निगरानी के लिए आईआरसीटीसी ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित व्यवस्था भी शुरू की है। इसके तहत 800 से अधिक रसोई घरों को एआई आधारित कैमरों से जोड़ा गया है। नई दिल्ली के नौरोजी नगर स्थित आईआरसीटीसी मुख्यालय में वार रूम बनाया गया है, जहां से विभिन्न रसोई घरों की गतिविधियों पर नजर रखी जाती है।
थर्ड पार्टी ऑडिट लागू होने से भोजन तैयार करने, उसकी स्वच्छता बनाए रखने और यात्रियों तक भोजन पहुंचाने की प्रक्रिया का स्वतंत्र मूल्यांकन किया जा सकेगा।
हर 3 और 6 महीने में होगा निरीक्षण
समझौते के तहत क्यूसीआई ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों की खानपान इकाइयों के त्रैमासिक और अर्धवार्षिक निरीक्षण की व्यवस्था करेगा। इसके लिए प्रशिक्षित पेशेवरों की तैनाती की जाएगी। निरीक्षण में भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के नियमों और निर्धारित खाद्य गुणवत्ता मानकों को आधार बनाया जाएगा।
डिजिटल साक्ष्य के साथ 24 घंटे में रिपोर्ट
ऑडिट प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और निरीक्षण में किसी तरह की गड़बड़ी की आशंका कम करने के लिए विशेष मोबाइल एप का उपयोग किया जाएगा। निरीक्षकों को अनिवार्य रूप से जियो-टैगिंग, टाइम-स्टैम्पिंग और तस्वीरों के माध्यम से साक्ष्य दर्ज करने होंगे। निरीक्षण पूरा होने के 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।
इससे खानपान इकाइयों में सामने आने वाली कमियों पर जल्द कार्रवाई करने और आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने में मदद मिलने की उम्मीद है। नई व्यवस्था से यात्रियों को स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने की दिशा में निगरानी तंत्र को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।













