प्रज्ञान ओझा बने बीसीसीआई के नए चीफ सिलेक्टर, रमेश पोवार को भी मिली जगह
सीनियर पुरुष चयन समिति में 5 सदस्य शामिल, अजीत अगरकर के पद छोड़ने के बाद हुआ बदलाव

नई दिल्ली, 20 अक्टूबर। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने सीनियर पुरुष क्रिकेट टीम की चयन समिति में बदलाव करते हुए पूर्व भारतीय स्पिनर प्रज्ञान ओझा को नया मुख्य चयनकर्ता नियुक्त किया है। वहीं, पूर्व भारतीय खिलाड़ी रमेश पोवार को सीनियर पुरुष चयन समिति में शामिल किया गया है। बीसीसीआई के अनुसार, ओझा को उनकी वरिष्ठता के आधार पर चयन पैनल का अध्यक्ष बनाया गया है।
नई चयन समिति में प्रज्ञान ओझा और रमेश पोवार के अलावा शिव सुंदर दास, आरपी सिंह और अजय रात्रा शामिल हैं। मुख्य चयनकर्ता का पद अजीत अगरकर के हटने के बाद खाली हुआ था। अगरकर ने जुलाई 2023 में यह जिम्मेदारी संभाली थी।
सीएसी की सिफारिश पर पोवार का चयन
रमेश पोवार के नाम की सिफारिश क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) ने सर्वसम्मति से की। समिति में अशोक मल्होत्रा और जतिन परांजपे शामिल थे। उन्होंने पिछले सप्ताह बीसीसीआई मुख्यालय में आवेदकों की स्क्रीनिंग और साक्षात्कार लिए थे।
48 वर्षीय पोवार ने 2004 से 2007 के बीच भारत के लिए 2 टेस्ट और 31 वनडे मैच खेले। चयन समिति में जगह पाने के लिए उन्होंने वसीम जाफर, सलिल अंकोला, जैकब मार्टिन और कॉनर विलियम्स सहित अन्य दावेदारों को पीछे छोड़ा।
कोचिंग का भी लंबा अनुभव
मुंबई के रहने वाले पोवार भारतीय महिला क्रिकेट टीम के मुख्य कोच के रूप में 2 बार काम कर चुके हैं। उनके कार्यकाल में भारतीय महिला टीम ने एशिया कप का खिताब जीता और 2022 के राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक हासिल किया। उन्होंने मुंबई की टीम को विजय हजारे ट्रॉफी जिताने में भी कोच के तौर पर योगदान दिया।
हाल के वर्षों में पोवार गुजरात की सीनियर पुरुष टीम के मुख्य कोच रहे। इसके अलावा, भारत के खिलाफ हालिया वनडे सीरीज के दौरान उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की अंडर-19 टीम के सलाहकार कोच की भूमिका भी निभाई।
अगरकर के कार्यकाल में भारतीय टीम ने जीते कई खिताब
अजीत अगरकर के नेतृत्व में भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम ने कई बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं। समाचार रिपोर्ट के अनुसार, उनके कार्यकाल में भारत ने 3 आईसीसी ट्रॉफियां, 2 एशिया कप खिताब और एशियाई खेलों में लगातार 2 स्वर्ण पदक जीते।
अब नई चयन समिति के सामने भारतीय पुरुष टीम के लिए खिलाड़ियों के चयन, प्रतिभाओं को अवसर देने और आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के मद्देनजर मजबूत टीम तैयार करने की जिम्मेदारी होगी।













