भारत-यूएई संबंध व्यापक रणनीतिक साझेदारी के वादे पर खरे उतर रहे : एस. जयशंकर
द्विपक्षीय व्यापार 100 अरब डॉलर के पार, रक्षा, ऊर्जा और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग को मिल रहा रणनीतिक स्वरूप

मुंबई। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मंगलवार को कहा कि भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के संबंध व्यापक रणनीतिक साझेदारी के वादे पर खरे उतर रहे हैं। दोनों देशों के बीच एक दशक से अधिक समय से जारी सहयोग ने आर्थिक, रक्षा, ऊर्जा और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में नई संभावनाएं पैदा की हैं।
मुंबई में यूएई के उपप्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान और उनके उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए जयशंकर ने कहा कि दोनों देशों के बीच लगातार मजबूत होते संबंध नेतृत्व स्तर पर हुए नियमित संवाद और आपसी सहयोग का परिणाम हैं।
नेतृत्व स्तर पर बढ़ा संपर्क
जयशंकर ने दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच हाल के महीनों में हुए संपर्कों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जनवरी में यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद की भारत यात्रा, फरवरी में क्राउन प्रिंस शेख खालिद का एआई इम्पैक्ट समिट और ब्रिक्स समिट में भाग लेना तथा मई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यूएई यात्रा ने द्विपक्षीय संबंधों की गहराई को दर्शाया है।
द्विपक्षीय व्यापार 100 अरब डॉलर के पार
विदेश मंत्री ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों और क्षेत्रीय कठिनाइयों के बावजूद भारत-यूएई आर्थिक साझेदारी लगातार आगे बढ़ रही है। व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) पर हस्ताक्षर के बाद दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 100 अरब अमेरिकी डॉलर का आंकड़ा पार कर चुका है। दोनों देशों में आपसी निवेश भी बढ़ रहा है, जो एक-दूसरे की अर्थव्यवस्थाओं में कारोबार जगत के विश्वास को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि रक्षा, ऊर्जा और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग अब रणनीतिक महत्व हासिल कर रहा है। इससे दोनों देशों के बीच साझेदारी को और मजबूत आधार मिल रहा है।
खाड़ी क्षेत्र में शांति और सुरक्षित व्यापार पर जोर
खाड़ी क्षेत्र की परिस्थितियों पर चिंता व्यक्त करते हुए जयशंकर ने कहा कि भारत संवाद और कूटनीति के प्रयासों का समर्थन करता है। उन्होंने व्यापार, ऊर्जा और उर्वरक की निर्बाध एवं सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के महत्व पर भी जोर दिया।
विदेश मंत्री ने यूएई में रह रहे भारतीय समुदाय की देखभाल के लिए वहां के नेतृत्व का आभार व्यक्त किया। उन्होंने शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान और उनके प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए भारत-यूएई संबंधों को और आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।













