मोरवा पुलिस ने शस्त्र पूजन कर लिया जनरक्षा का संकल्प, कानून के दायरे में ही होगा हथियारों का उपयोग
विजयादशमी पर परंपरागत आयोजन, एसडीओपी अमित कुमार और थाना प्रभारी डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह की मौजूदगी में हुई पूजा-अर्चना

सिंगरौली। विजयादशमी के पावन पर्व पर मंगलवार को मोरवा थाना परिसर में पुलिस ने परंपरागत रूप से शस्त्र पूजन किया। विधि-विधान और मंत्रोच्चार के बीच आयोजित इस कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने शस्त्रों की पूजा-अर्चना कर आमजन की सुरक्षा, शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
कार्यक्रम में अनुविभागीय अधिकारी पुलिस सिंगरौली अमित कुमार और मोरवा थाना प्रभारी निरीक्षक डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह उपस्थित रहे। थाना परिसर में सुबह से ही आयोजन की तैयारियां शुरू हो गई थीं। पुलिसकर्मियों ने शस्त्रों की साफ-सफाई कर उन्हें व्यवस्थित ढंग से रखा। इसके बाद पुष्प और कुमकुम अर्पित कर पंडितों के मंत्रोच्चार के साथ पूजा संपन्न कराई गई। इस दौरान मोरवा थाने का समस्त पुलिस बल मौजूद रहा।
शस्त्रों के जिम्मेदार उपयोग का संदेश
शस्त्र पूजन के दौरान इंसास राइफल, पिस्टल, रिवॉल्वर सहित अन्य शस्त्रों की पूजा की गई। विजयादशमी पर शस्त्र पूजन की परंपरा को वीरता, कर्तव्य और सुरक्षा के प्रतीक के रूप में निभाया जाता है। पुलिसकर्मियों ने भी इस अवसर पर अपने दायित्वों के प्रति सजग रहने का संकल्प लिया।
जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
पूजा के उपरांत पुलिस बल ने आमजन की रक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सदैव तत्पर रहने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। साथ ही शस्त्रों का उपयोग केवल आवश्यकता पड़ने पर और कानून के दायरे में करने तथा निर्दोष व्यक्तियों के विरुद्ध उनका अनुचित इस्तेमाल नहीं करने का संकल्प दोहराया।
कार्यक्रम ने पुलिसकर्मियों को यह संदेश दिया कि शस्त्र केवल शक्ति का प्रतीक नहीं, बल्कि उनके साथ बड़ी जिम्मेदारी भी जुड़ी है। जनता की सुरक्षा, न्याय और शांति बनाए रखना पुलिस का प्रमुख दायित्व है। मोरवा थाने में आयोजित शस्त्र पूजन में आस्था और कर्तव्य के साथ इसी जिम्मेदारी को दोहराया गया।













