प्रतिबंध हटते ही राख वाहनों से सिंगरौली में लगा भीषण जाम, एनटीपीसी प्रबंधन ने प्रशासन से मांगा दखल

सिंगरौली:एनटीपीसी विंध्याचल गेट और विंध्यनगर डिपो से ग्राम तेलगवां (मध्य प्रदेश-उत्तर प्रदेश सीमा) तक राख (फ्लाई ऐश) परिवहन करने वाले भारी वाहनों के कारण क्षेत्र में भीषण जाम की स्थिति निर्मित हो गई है। दरअसल, 19 अक्टूबर शाम 6 बजे से 22 अक्टूबर सुबह 6 बजे तक भारी वाहनों के परिचालन पर प्रतिबंध लगाया गया था। जैसे ही गुरुवार सुबह यह प्रतिबंध समाप्त हुआ, सड़कों पर राख लोड वाहनों का भारी रेला उमड़ पड़ा, जिससे देखते ही देखते पूरा मार्ग पूरी तरह चक्काजाम हो गया।
स्कूली बच्चों और मरीजों को भारी परेशानी:
मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग जाने से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। घंटों लगे जाम में एम्बुलेंस में सवार मरीज, स्कूली बच्चे, दैनिक नौकरीपेशा कर्मचारी और व्यापारी फंसे रहे। समय पर गंतव्य तक न पहुंच पाने के कारण लोगों में भारी आक्रोश देखा गया।
एनटीपीसी प्रबंधन ने की अलग मार्ग की मांग:
गंभीर स्थिति को देखते हुए एनटीपीसी प्रबंधन ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। प्रबंधन ने मांग की है कि जाम में फंसे लोगों को फौरी राहत देने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। साथ ही भविष्य में ऐसी विकट परिस्थिति से बचने के लिए राख परिवहन में लगे वाहनों के लिए एक पृथक (अलग) मार्ग निर्धारित करने की दिशा में ठोस पहल की जाए।
स्थायी व्यवस्था बनाने की उठी मांग:
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि राख परिवहन के लिए जब तक कोई स्थायी यातायात योजना नहीं बनेगी, तब तक यह समस्या बार-बार सामने आती रहेगी। इसके लिए संबंधित विभागों और परिवहन एजेंसियों की सख्त जवाबदेही तय होनी चाहिए। अब निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इस गंभीर जनसमस्या के समाधान के लिए क्या कदम उठाता है।













