कोयला परिवहन में नियमों की अनदेखी का आरोप, गजरा बहरा-सरई मार्ग पर ग्रामीणों में आक्रोश
बिना कनवॉय दौड़ रहे ओवरलोड वाहन, खनुआ स्कूल के सामने पार्किंग से बच्चों की सुरक्षा पर चिंता

सिंगरौली। जिले में कोयला परिवहन व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। गजरा बहरा से सरई मार्ग पर स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि प्रशासन द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है और कोयला परिवहन में लगे भारी वाहन बिना निर्धारित काफिले (कनवॉय) के संचालित हो रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि न्यू सतनाम ट्रांसपोर्ट, जीटीसी और एसीसी से जुड़े कोयला वाहनों के संचालन में ओवरलोडिंग, तेज रफ्तार और सुरक्षा नियमों की अनदेखी की जा रही है। उनका आरोप है कि भारी वाहनों की आवाजाही से आम राहगीरों और विशेषकर स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है।
सबसे गंभीर स्थिति खनुआ हायर सेकेंड्री स्कूल के पास बताई जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार स्कूल के आसपास कोयला परिवहन में लगे भारी वाहनों की पार्किंग की जा रही है। सुबह और दोपहर के समय जब छात्र-छात्राओं की आवाजाही रहती है, तब सड़क किनारे खड़े ट्रकों और लगातार गुजरते भारी वाहनों से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार सड़क के दोनों ओर ट्रकों की लंबी कतार लग जाती है, जिससे दोपहिया वाहन चालकों, राहगीरों और विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने ओवरलोड वाहनों के कारण सड़क खराब होने, धूल प्रदूषण बढ़ने और दुर्घटनाओं की आशंका को लेकर भी चिंता जताई है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, पुलिस, परिवहन विभाग और खनिज विभाग से संयुक्त जांच अभियान चलाने की मांग की है। उन्होंने खनुआ हायर सेकेंड्री स्कूल के आसपास भारी वाहनों की पार्किंग हटाने, क्षेत्र को नो-पार्किंग जोन घोषित करने और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों एवं संबंधित परिवहन कंपनियों पर कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कोयला परिवहन व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो किसी भी समय गंभीर हादसा हो सकता है। वहीं संबंधित आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर स्थिति स्पष्ट करने की अपेक्षा जताई जा रही है।













