सहारा निवेशकों का फूटा गुस्सा, सरई में निकाली विशाल रैली
25 अगस्त से अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी, राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

सिंगरौली। सहारा इंडिया की विभिन्न योजनाओं में निवेश कर चुके सैकड़ों निवेशकों का आक्रोश शनिवार को सरई में सड़क पर दिखाई दिया। “सहारा ने किया बेसहारा” के नारों के साथ “सहारा पीड़ित परिवार बचाओ आंदोलन” के बैनर तले निवेशकों ने विशाल पैदल रैली निकालकर अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की।
रैली सरई बाजार क्षेत्र से शुरू होकर तहसील कार्यालय और थाना परिसर पहुंची, जहां आंदोलनकारियों ने राष्ट्रपति, राज्यपाल, केंद्रीय गृह मंत्री, केंद्रीय वित्त मंत्री, मुख्यमंत्री एवं कलेक्टर के नाम अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में सहारा निवेशकों के साथ व्यापारी, महिलाएं, वरिष्ठ नागरिक और आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के लोग शामिल हुए। निवेशकों का कहना है कि वर्ष 2010 से 2020 के बीच उन्होंने सहारा क्यू शॉप, सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी और हमारा इंडिया जैसी योजनाओं में अपनी जीवनभर की जमा पूंजी लगाई थी। कई निवेशकों की योजनाएं दो से तीन वर्ष पहले परिपक्व हो चुकी हैं, लेकिन अभी तक उन्हें मूलधन और ब्याज की राशि प्राप्त नहीं हुई है।
आंदोलनकारियों ने ज्ञापन में सुप्रीम कोर्ट के 29 मार्च 2023 के आदेश और केंद्र सरकार के रिफंड पोर्टल का हवाला देते हुए कहा कि आवेदन करने के बाद भी भुगतान प्रक्रिया लंबित है। इससे गरीब, मजदूर, महिलाएं और बुजुर्ग निवेशक सबसे ज्यादा परेशान हैं।
निवेशकों ने चार प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें सहारा में फंसी राशि ब्याज सहित 25 दिनों के भीतर वापस करने, रिफंड पोर्टल की प्रक्रिया को सरल एवं पारदर्शी बनाने, सहारा-सेबी खाते में उपलब्ध राशि से भुगतान सुनिश्चित करने तथा भुगतान में लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग शामिल है।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि 25 अगस्त 2026 तक उनकी मांगों का समाधान नहीं किया गया तो सरई स्थित शिव मंदिर परिसर में सुबह 10 बजे से अनिश्चितकालीन शांतिपूर्ण धरना शुरू किया जाएगा। इसके लिए प्रशासन से अनुमति भी मांगी गई है।













