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“नशामुक्ति पर ठोस पहल करे सरकार, अन्यथा विरोध के लिए तैयार रहे” — शक्तिपुत्र जी महाराज

सरई। भगवती मानव कल्याण संगठन के तत्वावधान में पंचज्योति शक्तितीर्थ सिद्धाश्रम धाम, में 134वें शक्ति चेतना जनजागरण त्रिशक्ति साधना शिविर का भव्य आयोजन किया गया। जिसमें भुईमाड़ के साथ कुशमी तहसील व सरई तहसील के साथ सीधी सिंगरौली जिले के अलावा देशभर से लाखों की संख्या में भक्त शामिल हुए। शिविर के प्रथम दिवस शक्तिपुत्र जी महाराज ने अपने चिंतन एवं संबोधन के माध्यम से लाखों लोगों को नशामुक्ति का संदेश देते हुए समाज को नशे जैसी गंभीर सामाजिक बुराई से दूर रहने का आह्वान किया। उन्होंने नशामुक्त जीवन अपनाने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की आवश्यकता पर बल दिया। इस दौरान नशामुक्त समाज के निर्माण, गौ संरक्षण, आध्यात्मिक चेतना के प्रसार तथा सामाजिक जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार व्यक्त किए गए। शिविर में इन विषयों को जन-जन तक पहुंचाने और व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। बता यह कार्यक्रम तीन दिवसीय हैं। इस दौरान भोजन व ठहरने की निशुल्क व्यवस्था की गई है।

विधानसभा चुनाव से पहले मध्यप्रदेश को नशामुक्त बनाने की मांग

शिविर के दौरान शक्तिपुत्र जी महाराज ने मध्यप्रदेश में नशामुक्ति को लेकर सरकार से ठोस एवं प्रभावी कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए वर्ष 2029 तक प्रतीक्षा करने के बजाय विधानसभा चुनाव से पहले ही इस दिशा में निर्णायक पहल की जानी चाहिए, ताकि समाज को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने की दिशा में ठोस परिणाम सामने आ सकें। उन्होंने सरकार से शराब बिक्री के लाइसेंस जारी नहीं करने की मांग करते हुए कहा कि यदि नशामुक्ति के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो भगवती मानव कल्याण संगठन विरोध के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि भाजपा सरकार प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए ठोस पहल करती है, तो संगठन उसके समर्थन में प्रचार करेगा। उनके इस वक्तव्य ने नशामुक्ति के मुद्दे को राजनीतिक एवं सामाजिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है। इस दौरान प्रदेश में नशे की समस्या के समाधान के लिए सरकार की जिम्मेदारी और जनजागरूकता की भूमिका पर भी ध्यान आकर्षित किया गया।

नवंबर 2027 में भोपाल में नशामुक्ति आंदोलन की तैयारी

नशामुक्ति अभियान को व्यापक स्वरूप प्रदान करने के उद्देश्य से नवंबर 2027 में भोपाल में बड़े आंदोलन की घोषणा की गई। संगठन का उद्देश्य शराब एवं अन्य नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति आमजन को जागरूक करना तथा नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए व्यापक जनसमर्थन जुटाना है। आंदोलन के माध्यम से लोगों को नशे से होने वाले सामाजिक, पारिवारिक और आर्थिक नुकसान के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जाएगा। इस दौरान शराब कारोबार तथा उससे जुड़े कथित माफिया तंत्र पर भी सवाल उठाए गए। शक्तिपुत्र जी महाराज ने आरोप लगाया कि शराब माफिया को राजनीतिक संरक्षण मिलता है और राजनेताओं के रिश्तेदार भी इस कारोबार से जुड़े हुए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। संगठन ने नशामुक्ति के अभियान को जनआंदोलन का रूप देने तथा समाज के विभिन्न वर्गों को इससे जोड़ने की प्रतिबद्धता जताई।

4 दिसंबर को गौ संरक्षण के लिए भोपाल में आंदोलन

गौ सेवा एवं संरक्षण के विषय पर भी शिविर में महत्वपूर्ण घोषणा की गई। संगठन की ओर से आगामी 4 दिसंबर को भोपाल में गौ संरक्षण के लिए आंदोलन प्रस्तावित किया गया है। इसमें भगवती मानव कल्याण संगठन के 11 हजार शिष्यों के शामिल होने की बात कही गई। आंदोलन के माध्यम से गौ संरक्षण को लेकर प्रभावी कदम उठाने, गौ सेवा के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने तथा इस विषय को व्यापक स्तर पर उठाने की मांग की जाएगी। संगठन का मानना है कि गौ संरक्षण के लिए सामाजिक सहभागिता और जिम्मेदारी का भाव आवश्यक है। इसी उद्देश्य से आंदोलन के जरिए लोगों को गौ सेवा के प्रति प्रेरित करने तथा इस दिशा में ठोस पहल के लिए संबंधित स्तरों पर ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया जाएगा।

सागर पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

शिविर के दौरान सागर जिले में नशामुक्ति अभियान में जुटे संगठन के कार्यकर्ताओं को कथित रूप से परेशान किए जाने का मामला भी प्रमुखता से उठाया गया। शक्तिपुत्र जी महाराज ने इस विषय पर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए संबंधित अधिकारियों से अपने व्यवहार और कार्यशैली में सुधार लाने की बात कही। उन्होंने नशामुक्ति जैसे सामाजिक अभियान में जुटे कार्यकर्ताओं के साथ उचित व्यवहार किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस मुद्दे के माध्यम से सामाजिक जागरूकता के लिए कार्य करने वाले लोगों की भूमिका और उनके प्रयासों पर भी ध्यान आकर्षित किया गया। हालांकि,

दिव्य ऋषियों के सम्मान में बनेगा भव्य मंदिर

पंचज्योति शक्तितीर्थ सिद्धाश्रम धाम में दिव्य ऋषियों के सम्मान तथा आध्यात्मिक परंपरा को समर्पित एक भव्य मंदिर के निर्माण की भी घोषणा की गई। इस पहल को ऋषि परंपरा के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने और आध्यात्मिक विरासत को संरक्षित रखने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। मंदिर निर्माण का उद्देश्य दिव्य ऋषियों के योगदान एवं उनकी परंपराओं के प्रति सम्मान की भावना को आगे बढ़ाना तथा लोगों में आध्यात्मिक चेतना का प्रसार करना है। शिविर के प्रथम दिवस नशामुक्ति, गौ संरक्षण, सामाजिक जागरण और आध्यात्मिक चेतना जैसे विषय प्रमुखता से छाए रहे। संगठन ने इन सभी अभियानों को व्यापक जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ाने और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए जनआंदोलन का स्वरूप प्रदान करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

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