महिला कर्मी के लैंगिक उत्पीड़न मामले में पूर्व क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी संजीव मेहरा बर्खास्त
सिंगरौली में महिला कर्मचारी की शिकायत पर करीब 2 साल चली विभागीय जांच के बाद मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने की कार्रवाई

सिंगरौली। महिला कर्मचारी की शिकायत पर की गई विभागीय जांच के बाद मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पूर्व क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी संजीव कुमार मेहरा को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। मामला सिंगरौली में उनकी पदस्थापना के दौरान सामने आया था। महिला कर्मचारी ने उन पर छेड़छाड़ और लैंगिक उत्पीड़न के आरोप लगाते हुए विभागीय स्तर पर शिकायत की थी। इसके बाद मामले की जांच शुरू की गई, जो करीब 2 साल तक चली।
महिला कर्मचारी ने की थी शिकायत
जानकारी के अनुसार, सिंगरौली में पदस्थापना के दौरान महिला कर्मचारी ने तत्कालीन क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी संजीव कुमार मेहरा के कथित अनुचित व्यवहार और कार्यस्थल पर परेशान किए जाने को लेकर विभाग प्रमुख से शिकायत की थी। शिकायत में छेड़छाड़ और लैंगिक उत्पीड़न से संबंधित आरोप लगाए गए थे। शिकायत के आधार पर विभागीय जांच शुरू हुई।
जांच में आरोपों से जुड़े विभिन्न पहलुओं की पड़ताल
विभागीय जांच के दौरान महिला कर्मचारी की शिकायत और अधिकारी के कथित व्यवहार से जुड़े विभिन्न बिंदुओं की जांच की गई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जांच रिपोर्ट में महिला कर्मचारी को अधिकारी के कक्ष में काम करने के लिए कहने और अन्य कर्मचारियों से बातचीत करने से रोकने जैसे आरोपों का उल्लेख किया गया।इसके अलावा, महिला कर्मचारी को जांच संबंधी कार्यों के लिए साथ ले जाने और कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों से जुड़े आरोपों की भी पड़ताल की गई। जांच में सामने आए निष्कर्षों के आधार पर विभाग ने आगे की कार्रवाई की।
जांच रिपोर्ट के बाद सेवा से पृथक करने का फैसला
करीब 2 साल तक चली विभागीय जांच के बाद मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष अनिरुद्ध मुखर्जी ने संजीव कुमार मेहरा को सेवा से बर्खास्त करने का निर्णय लिया। इस कार्रवाई के साथ सिंगरौली में उनकी पदस्थापना के दौरान महिला कर्मचारी की ओर से की गई शिकायत के मामले में विभागीय स्तर पर कार्रवाई की जानकारी सामने आई है।
यह मामला सरकारी कार्यालयों में महिला कर्मचारियों की सुरक्षा, गरिमा और सम्मान सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी को भी रेखांकित करता है। कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न से संबंधित शिकायतों की निष्पक्ष जांच और नियमानुसार कार्रवाई सुरक्षित कार्य वातावरण के लिए महत्वपूर्ण है।













