भारत-पोलैंड के बीच रक्षा, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा पर बड़ा समझौता: पीएम मोदी और डोनाल्ड टस्क की उच्चस्तरीय बैठक

नई दिल्ली:भारत और पोलैंड ने रक्षा, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा जैसे अहम रणनीतिक क्षेत्रों में अपने संबंधों को और अधिक मजबूत करने पर सहमति जताई है। गुरुवार को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क के बीच हुई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक में ये अहम फैसले लिए गए।
रणनीतिक साझेदारी और ऐतिहासिक संबंधों की यादें:
संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने बताया कि 2024 में उनकी पोलैंड यात्रा के दौरान दोनों देशों के संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा मिला था, जिसने पिछले दो वर्षों में नई गति पकड़ी है। पीएम मोदी ने द्वितीय विश्वयुद्ध में जामनगर और कोल्हापुर राजघराने द्वारा पोलिश नागरिकों को दिए गए आश्रय और पोलैंड के लोगों द्वारा जाम साहब को ‘डोबरी महाराजा’ (अच्छे महाराज) कहे जाने का जिक्र किया। साथ ही, 2022 के यूक्रेन संकट के दौरान भारतीय छात्रों को निकालने में पोलैंड द्वारा की गई मानवीय मदद की भी सराहना की।
आर्थिक प्रगति और 2030 का लक्ष्य:
बदलते वैश्विक परिदृश्य का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि पोलैंड (1 ट्रिलियन डॉलर जीडीपी) और भारत (पिछली तिमाही में 7.8% ग्रोथ) दोनों ही ग्रोथ, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहे हैं। भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के लागू होने से मशीनरी, केमिकल और प्लास्टिक निर्यात के नए रास्ते खुलेंगे। इसके अलावा, रेलवे, मोबिलिटी और फूड प्रोसेसिंग क्षेत्रों में पोलैंड से नए निवेश को आकर्षित किया जाएगा।
को-डेवलपमेंट और को-प्रोडक्शन का आमंत्रण:
पोलैंड के प्रधानमंत्री के साथ आए एक बड़े व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल (बिजनेस डेलिगेशन) का स्वागत करते हुए पीएम मोदी ने उम्मीद जताई कि दोनों देश मिलकर एक ‘ट्रस्टेड सप्लाई चेन’ (विश्वसनीय आपूर्ति श्रृंखला) विकसित करेंगे और 2030 तक अपने द्विपक्षीय लक्ष्यों को हासिल करेंगे। इसके लिए उन्होंने रक्षा, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा क्षेत्रों में पोलिश कंपनियों को भारत के साथ ‘को-डेवलपमेंट’ और ‘को-प्रोडक्शन’ के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किया है।













