सिंगरौली में ऐतिहासिक राजपरंपराओं के साथ मना दशहरा: सिंगरौली पैलेस और खटाई गढ़ी में उमड़ा जनसैलाब

सिंगरौली:जिले में विजयादशमी का पर्व ऐतिहासिक राजपरंपराओं और सामाजिक समरसता के साथ मनाया गया। जिले की दो प्रमुख रियासतों— सिंगरौली पैलेस और बरदी रियासत की खटाई गढ़ी— में आयोजित भव्य दशहरा मिलन समारोहों में राजपरिवारों के प्रति जनता का भारी उत्साह देखने को मिला।हेरिटेज होटल सिंगरौली पैलेस में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच राजा वी.पी. सिंह और रानी वीणा सिंह का पारंपरिक स्वागत किया गया। लोगों ने उन्हें गदा और तलवार भेंट की। इस मौके पर पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामअशोक शर्मा ने कहा कि सिंगरौली के राजा मध्यप्रदेश के इकलौते राजतिलकधारी राजा हैं, जो जिले के लिए गौरव की बात है। महापौर रानी अग्रवाल सहित कई दलों के नेताओं ने उपस्थित होकर एकजुटता दिखाई। विमल म्यूजिकल ग्रुप की प्रस्तुतियों के बीच राजा वी.पी. सिंह ने व्यक्तिगत रूप से सबसे मिलकर बधाई दी।वहीं, दूसरी ओर चितरंगी स्थित बरदी रियासत की ग्राम खटाई की ऐतिहासिक गढ़ी में भी सदियों पुरानी परंपरा निभाई गई।

राजा शीर्ष कांतदेव सिंह का दर्शन और सम्मान करने के लिए बड़ी संख्या में जनता के साथ जनप्रतिनिधि पहुंचे। राज्य मंत्री राधा सिंह, देवसर विधायक राजेंद्र मेश्राम और पूर्व विधायक रामलल्लू वैश्य ने राजा शीर्ष कांतदेव सिंह को फूल-माला, मिष्ठान और पान का बीड़ा भेंट कर उनका आशीर्वाद लिया। उपस्थित नेताओं ने बरदी रियासत के इतिहास को अत्यंत गौरवशाली बताया। कार्यक्रम के अंत में शीर्ष कांतदेव सिंह ने सभी को विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए क्षेत्र की खुशहाली की प्रार्थना की और लोगों को विदा किया। दोनों ही आयोजनों में राजनीतिक सीमाओं से ऊपर उठकर ऐतिहासिक विरासत और भाईचारे की अनूठी मिसाल देखने को मिली।













