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स्कूलों के औचक निरीक्षण में खुली शिक्षा व्यवस्था की पोल, कहीं शिक्षक गायब तो कहीं बच्चे नहीं पढ़ पाए एबीसीडी

 

सिंगरौली। जिले में सरकारी स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था और शिक्षकों की उपस्थिति की हकीकत जानने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी कविता त्रिपाठी ने वैढ़न विकासखंड के आधा दर्जन से अधिक विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कहीं बच्चे हिंदी की किताब और अंग्रेजी की वर्णमाला पढ़ने में असमर्थ मिले, तो कहीं शिक्षक बिना सूचना के अनुपस्थित पाए गए। कई विद्यालयों में शिक्षकों की दैनंदिनी भी अधूरी मिली, जिस पर डीईओ ने नाराजगी जताते हुए संबंधित शिक्षकों को आवश्यक निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान प्राथमिक शाला घुम्माडांड, माध्यमिक शाला माड़ा, माध्यमिक शाला कोयलखूथ सहित रजमिलान क्षेत्र के विद्यालयों का जायजा लिया गया। प्राथमिक शाला घुम्माडांड में सभी शिक्षक उपस्थित मिले, लेकिन जब बच्चों से वर्णमाला, गिनती और हिंदी की किताब पढ़ने को कहा गया तो उनका प्रदर्शन संतोषजनक नहीं रहा। बच्चे अंग्रेजी की सामान्य जानकारी और एबीसीडी पढ़ने में भी कठिनाई महसूस करते नजर आए। इस पर जिला शिक्षा अधिकारी ने शिक्षकों को अंग्रेजी विषय पर विशेष ध्यान देने और बच्चों की बुनियादी शैक्षणिक दक्षता सुधारने के निर्देश दिए।

माड़ा विद्यालय में प्रार्थना के दौरान साउंड सिस्टम की व्यवस्था नहीं होने और अव्यवस्था मिलने पर प्रभारी प्राचार्य को फटकार लगाई गई। निरीक्षण के दौरान अतिथि शिक्षक श्याम सुंदर शाह, आर.के. केवट और अनिल शाह अनुपस्थित पाए गए। इस पर संबंधित शिक्षकों का मानदेय काटने के निर्देश दिए गए।

कोयलखूथ विद्यालय में भी लापरवाही सामने आई। यहां प्रभारी प्राचार्य श्रीमती किरण साकेत सहित कई शिक्षक बिना सूचना के अनुपस्थित मिले। डीईओ ने संबंधितों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 3 दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए।

शिक्षा की गुणवत्ता पर उठे सवाल

निरीक्षण के दौरान कई विद्यालयों में शिक्षकों की दैनंदिनी अधूरी पाई गई। इस पर डीईओ ने नाराजगी जताते हुए प्रतिदिन दैनंदिनी लिखने और शैक्षणिक कार्यों का नियमित रिकॉर्ड रखने के निर्देश दिए। वहीं, हाई स्कूल स्तर के विद्यार्थी भी 1 से 20 तक के पहाड़े और अंग्रेजी की वर्णमाला पढ़ने में असमर्थ पाए गए। इससे विद्यालयों में पढ़ाई के स्तर और शैक्षणिक गतिविधियों की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े हो गए।

जिला शिक्षा अधिकारी कविता त्रिपाठी ने सभी संस्था प्रमुखों और शिक्षकों को समय पर विद्यालय पहुंचने, नियमित रूप से कक्षाएं संचालित करने तथा बच्चों की पढ़ाई की गुणवत्ता में सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में निरीक्षण के दौरान इस तरह की लापरवाही मिलने पर संबंधितों के विरुद्ध और कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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