पीएम मोदी ने अमेरिका-ईरान समझौते का किया स्वागत, क्षेत्र में शांति और स्थिरता की जताई उम्मीद

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका और ईरान के बीच पश्चिम एशिया में जारी तनाव को समाप्त करने के लिए हुए समझौते का स्वागत किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस समझौते के प्रभावी क्रियान्वयन से क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल होगी तथा वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को मजबूती मिलेगी।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी अपने संदेश में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बनी नई समझ का वे स्वागत करते हैं। उन्होंने कहा कि लंबे समय से जारी इस संघर्ष के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है और कई देशों में जनहानि भी हुई है। ऐसे में यह समझौता पूरे क्षेत्र के लिए सकारात्मक कदम साबित हो सकता है।
प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि समझौते के बाद समुद्री मार्गों पर निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित होगी और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को नया बल मिलेगा। उन्होंने यह भी उम्मीद व्यक्त की कि दोनों देशों के बीच शेष मुद्दों पर बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ेगी और अंततः एक व्यापक तथा स्थायी समझौते का मार्ग प्रशस्त होगा।
गौरतलब है कि रविवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर अमेरिका और ईरान के बीच समझौता होने की घोषणा की थी। उन्होंने इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि समझौते के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोला जाएगा, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति सामान्य हो सकेगी। ट्रंप ने कहा कि समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर के बाद समुद्री मार्गों से तेल का आवागमन दोबारा सुचारु रूप से शुरू होगा।
इस समझौते का दुनिया के कई देशों ने स्वागत किया है। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने भी इसे क्षेत्रीय शांति और वैश्विक व्यापार के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता बहाल होना वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए राहत की खबर है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस समझौते से पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के साथ-साथ कच्चे तेल की कीमतों पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है, जिससे वैश्विक बाजारों और आयातक देशों को राहत मिलने की उम्मीद है।













