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दिलजीत दोसांझ ने जसवंत सिंह खालड़ा की भूमिका के लिए ली सिर्फ 1 रुपये फीस

निर्देशक हनी त्रेहान का खुलासा— बोले, इतने महान व्यक्तित्व का किरदार निभाने के लिए पैसे लेना शर्म की बात होती

मुंबई। पंजाबी सुपरस्टार दिलजीत दोसांझ एक बार फिर अपनी सादगी और संवेदनशीलता को लेकर चर्चा में हैं। फिल्म ‘सतलुज’ के निर्देशक हनी त्रेहान ने खुलासा किया है कि मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित इस फिल्म में अभिनय करने के लिए दिलजीत ने केवल एक रुपये की सांकेतिक फीस ली थी।

निर्देशक हनी त्रेहान के अनुसार, जब उन्होंने फिल्म की कहानी और जसवंत सिंह खालड़ा के संघर्ष से दिलजीत को परिचित कराया, तो अभिनेता भावुक हो गए। उन्होंने पटकथा को माथे से लगाकर “वाहेगुरु” कहा और स्पष्ट किया कि इतने महान व्यक्तित्व का किरदार निभाने के लिए पारिश्रमिक लेना उनके लिए उचित नहीं होगा। हालांकि, अनुबंध संबंधी औपचारिकताओं के चलते उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से सिर्फ एक रुपये की फीस स्वीकार की।

हनी त्रेहान ने बताया कि यदि दिलजीत इस फिल्म से नहीं जुड़ते, तो संभवतः ‘सतलुज’ बन ही नहीं पाती। उन्होंने कहा कि दिलजीत ने शूटिंग के दौरान भी पूरी टीम का भरपूर सहयोग किया। कई बार घंटों इंतजार करने के बावजूद उन्होंने कभी शिकायत नहीं की और हमेशा फिल्म को प्राथमिकता दी।

फिल्म ‘सतलुज’ मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन और उनके संघर्ष पर आधारित है। खालड़ा ने 1990 के दशक में पंजाब में कथित गुप्त अंतिम संस्कारों के मामलों को उजागर किया था। बाद में वर्ष 1995 में उनका कथित अपहरण और पुलिस हिरासत में हत्या का मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रहा।

निर्देशक के इस खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर दिलजीत दोसांझ की जमकर सराहना हो रही है। हालांकि, एक रुपये फीस लेने संबंधी जानकारी निर्देशक हनी त्रेहान के बयान पर आधारित है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। प्रशंसकों का कहना है कि यह कदम दिलजीत के अपने किरदार और विषय के प्रति सम्मान को दर्शाता है।

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