सोन-गोपद नदी उफान पर, 64 गांवों पर प्रशासन की नजर
बाणसागर से पानी छोड़े जाने के बाद बढ़ा जलस्तर, खेतों में पहुंचा बाढ़ का पानी; संवेदनशील इलाकों में निगरानी तेज

सिंगरौली। चितरंगी क्षेत्र में लगातार बारिश और बाणसागर परियोजना के सात गेट खोले जाने के बाद सोन नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। सोन-गोपद नदी के उफान को देखते हुए नदी किनारे और निचले इलाकों में बसे करीब 64 गांवों को लेकर प्रशासन सतर्क है। पुलिस और राजस्व अमले को लगातार निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।एसडीओपी ललित बैरागी और तहसीलदार ने संवेदनशील गांवों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। ग्रामीणों को नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा बच्चों और मवेशियों को सुरक्षित रखने की समझाइश दी गई है। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात कर आवागमन पर निगरानी रखी जा रही है।
खेतों में पहुंचा बाढ़ का पानी
सोन एवं गोपद नदी के बढ़े जलस्तर का असर अब खरीफ फसलों पर भी दिखने लगा है। चितरंगी तहसील के खैरा गांव में सोन नदी किनारे स्थित किसानों के खेतों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। इससे मक्का, ज्वार, अरहर और तिल की फसल को नुकसान होने की आशंका है।
पड़ेर नाला उफान पर, आवागमन बंद
लोहंदा ग्राम पंचायत का पड़ेर नाला भी उफान पर है। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस और राजस्व अमले ने बैरिकेडिंग कर आवागमन बंद करा दिया है। चितावल और लोहंदा सहित तराई क्षेत्र के गांवों में प्रशासन की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं।











