हाईकोर्ट का सख्त आदेश, सरई स्टेशन के ओवरब्रिज के सामने से तत्काल हटेगा कोयला
अवैध डंपिंग और प्रदूषण के खिलाफ जनहित याचिका पर रेलवे को राहत के निर्देश

सिंगरौली। सरई रेलवे स्टेशन पर कोयला डंपिंग और उससे उत्पन्न प्रदूषण के मामले में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट, जबलपुर ने अंतरिम आदेश जारी करते हुए रेलवे ओवरब्रिज के सामने डंप किए गए कोयले को तत्काल हटाने के निर्देश दिए हैं। न्यायालय ने कहा कि आम नागरिकों और यात्रियों के लिए ओवरब्रिज तक सुरक्षित आवागमन का रास्ता बाधित नहीं होना चाहिए।
यह आदेश अधिवक्ता विनय जायसवाल और कांग्रेस नेता अरुण जायसवाल से जुड़े प्रयासों के बाद दायर जनहित याचिका क्रमांक 28462/2026 की सुनवाई के दौरान आया। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया और न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पश्चिम मध्य रेलवे के मंडल रेल प्रबंधक को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।याचिका में आरोप लगाया गया था कि सरई स्टेशन पर बड़ी मात्रा में कोयला डंप किए जाने से यात्रियों और स्थानीय लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। ओवरब्रिज के सामने कोयला जमा होने से रास्ता बाधित होने के साथ प्रदूषण की समस्या भी बढ़ रही है।

सुनवाई के दौरान न्यायालय ने नए प्रतिवादी को शामिल करने संबंधी आवेदन स्वीकार करते हुए याचिकाकर्ता को सात कार्य दिवस में आवश्यक संशोधन करने के निर्देश दिए। राज्य सरकार को मामले की वर्तमान स्थिति की रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है। अतिरिक्त जवाब के लिए दो सप्ताह का समय भी दिया गया है।
हाईकोर्ट के आदेश से सरई के नागरिकों को राहत की उम्मीद बढ़ी है। अब लोगों की नजर रेलवे द्वारा कोयला हटाने और आवागमन बहाल करने की कार्रवाई पर है।











