सब्सिडी मामले में इंडियन बैंक देवसर को नोटिस, सात दिन में मांगा जवाब

सिंगरौली। आचार्य विद्यासागर गौ संवर्धन योजना में सब्सिडी राशि के मामले को लेकर अब कार्रवाई शुरू हो गई है। कलेक्टर के कड़े निर्देश के बाद पशुपालन विभाग ने इंडियन बैंक देवसर को कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिवस के भीतर जवाब मांगा है। विभागीय पत्र में बैंक की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।
विभाग के अनुसार, हितग्राही की डेयरी इकाई के लिए इंडियन बैंक देवसर ने 30 दिसंबर 2021 को 3 लाख 40 हजार 688 रुपये का ऋण स्वीकृति पत्र जारी किया था। यह स्वीकृति पत्र 12 जनवरी 2022 को तत्कालीन मुख्यमंत्री के मंच से प्रदान किया गया था। इसके बाद शासन ने 10 मार्च 2022 को 1 लाख 13 हजार 562 रुपये की सब्सिडी बैंक को हस्तांतरित की थी।
तीन साल तक नहीं दिया ऋण, फिर लौटाई सब्सिडी
विभागीय रिकॉर्ड के मुताबिक सब्सिडी मिलने के बावजूद बैंक ने हितग्राही को ऋण वितरित नहीं किया। विभाग को किसी आधिकारिक अस्वीकृति की जानकारी भी नहीं दी गई। करीब तीन साल बाद 23 जनवरी 2025 को बैंक द्वारा सब्सिडी राशि वापस कर दी गई। विभाग ने इस प्रक्रिया पर आपत्ति जताते हुए बैंक से स्पष्टीकरण मांगा है।
सिबिल को लेकर भी उठे सवाल
बैंक की ओर से खराब सिबिल को ऋण वितरण नहीं होने का कारण बताए जाने पर विभाग ने सवाल उठाया है। विभाग का कहना है कि सिबिल की जांच ऋण स्वीकृति और सब्सिडी की मांग से पहले की प्रक्रिया का हिस्सा है। ऐसे में स्वीकृति पत्र जारी होने और सब्सिडी हस्तांतरित होने के बाद इस आधार पर ऋण रोकने का औचित्य स्पष्ट करने को कहा गया है।
सीएम हेल्पलाइन शिकायतों पर भी सवाल
मामले में हितग्राही द्वारा की गई सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के निस्तारण को लेकर भी विभाग ने गंभीर आपत्ति दर्ज की है। आरोप है कि शिकायतों के संबंध में बैंक की ओर से विभाग को पूरी जानकारी नहीं दी गई और शिकायतों को फोर्स क्लोज कराया गया।
विभागीय रिपोर्ट की प्रतियां पशुपालन संचालनालय भोपाल, कलेक्टर सिंगरौली, संयुक्त संचालक रीवा संभाग और अग्रणी जिला प्रबंधक को भेजी गई हैं। अब बैंक की ओर से सात दिन में दिए जाने वाले जवाब के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।











