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दिमाग में रक्त प्रवाह पर नजर रखेगा नया वियरेबल डिवाइस, कीमत 85,000 रुपये

जोमैटो के सह-संस्थापक दीपिंदर गोयल ने विकसित किया Temple, 1 नवंबर से शुरू होंगे प्री-ऑर्डर; लाइफटाइम सब्सक्रिप्शन भी कीमत में शामिल होने की जानकारी

नई दिल्ली। स्मार्टवॉच और फिटनेस बैंड के जरिए हृदय गति, नींद और शारीरिक गतिविधियों को ट्रैक करने के बाद अब मस्तिष्क की निगरानी करने वाले वियरेबल डिवाइस की चर्चा हो रही है। जोमैटो के सह-संस्थापक दीपिंदर गोयल ने Temple नाम का एक नया ब्रेन-मॉनिटरिंग डिवाइस विकसित किया है। इसका उद्देश्य मस्तिष्क तक रक्त पहुंचाने वाली प्रक्रिया यानी सेरेब्रल ब्लड फ्लो को ट्रैक करना है। सामने आई जानकारी के अनुसार, डिवाइस के पहले बैच के प्री-ऑर्डर 1 नवंबर से शुरू होने वाले हैं।

पहले बैच की कीमत 85,000 रुपये

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए एक ईमेल स्क्रीनशॉट के अनुसार, Temple के पहले बैच की कीमत 85,000 रुपये बताई गई है। इसमें लाइफटाइम सब्सक्रिप्शन भी शामिल होने की जानकारी दी गई है। हालांकि, सब्सक्रिप्शन के तहत मिलने वाली सुविधाओं, सॉफ्टवेयर अपडेट और अन्य शर्तों का विस्तृत विवरण अभी स्पष्ट नहीं है। इच्छुक खरीदारों को अंतिम कीमत और शर्तों की आधिकारिक पुष्टि करनी होगी।

क्या काम करेगा Temple?

Temple को मस्तिष्क में सेरेब्रल ब्लड फ्लो की निगरानी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। मस्तिष्क के सामान्य कामकाज के लिए पर्याप्त रक्त प्रवाह जरूरी होता है। आम स्मार्टवॉच जहां हृदय गति, नींद और गतिविधियों से जुड़ा डेटा देती हैं, वहीं इस डिवाइस का फोकस मस्तिष्क से संबंधित एक अलग जैविक संकेतक पर है।

हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इसके सेंसर, तकनीकी कार्यप्रणाली, माप की सटीकता और उपयोगकर्ताओं को दिखाए जाने वाले डेटा का पूरा विवरण नहीं दिया गया है। इसलिए अभी इसकी वास्तविक क्षमताओं के बारे में निश्चित निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।

अलग-अलग बैच में होगी डिलीवरी

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, डिवाइस की शिपिंग अलग-अलग बैच में की जाएगी। कुछ चुनिंदा उपयोगकर्ताओं को सार्वजनिक प्री-ऑर्डर शुरू होने से पहले अर्ली बर्ड एक्सेस मिलने की बात भी सामने आई है। पहले बैच में उपलब्ध डिवाइस की संख्या और डिलीवरी की निश्चित तारीखों का विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है।

बीमारी की पहचान का विकल्प नहीं

विशेषज्ञता के लिहाज से यह समझना जरूरी है कि किसी जैविक संकेतक की निगरानी करना और बीमारी का निदान करना अलग-अलग बातें हैं। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह नहीं कहा जा सकता कि Temple किसी खास मस्तिष्क संबंधी बीमारी की पहचान कर सकता है या चिकित्सकीय जांच का विकल्प बन सकता है। इसकी उपयोगिता का आकलन करने के लिए तकनीकी दस्तावेजों, परीक्षणों और माप की विश्वसनीयता से जुड़ी जानकारी जरूरी होगी।

Temple अपने उद्देश्य और 85,000 रुपये की बताई गई शुरुआती कीमत के कारण चर्चा में है। 1 नवंबर से प्री-ऑर्डर शुरू होने के बाद इसकी सुविधाओं, उपलब्धता और वास्तविक उपयोगिता से जुड़ी अधिक जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

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