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साइबर ठगी के 11.63 करोड़ के नेटवर्क में सिंगरौली के दो आरोपी गिरफ्तार

सत्य सनातन ट्रस्ट के बैंक खाते से 2.37 करोड़ के संदिग्ध लेन-देन का मामला, अब तक आठ आरोपी गिरफ्तार

सिंगरौली-उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में सत्य सनातन ट्रस्ट के नाम से पंजीकृत बैंक खाते के जरिए करोड़ों रुपये की साइबर धोखाधड़ी के मामले में सिंगरौली जिले से जुड़े दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें मोरवा के आदर्श नगर निवासी राजेश पोद्दार और बरगवां थाना क्षेत्र के गोदवाली निवासी बब्बू प्रसाद प्रजापति शामिल हैं। दोनों को सोनभद्र पुलिस ने मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से गिरफ्तार किया है।

पुलिस के मुताबिक इस मामले में अब तक मुख्य आरोपी सहित कुल आठ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। वर्तमान कार्रवाई में पुलिस ने एक हुंडई अमेज कार भी बरामद की है।

भोपाल में दबिश देकर हुई गिरफ्तारी
सोनभद्र पुलिस अनुसार वांछित आरोपियों की तलाश में दुद्धी पुलिस और सर्विलांस टीम ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर भोपाल में दबिश दी। 25 अक्टूबर 2026 को रात करीब 8:05 बजे अयोध्या नगर थाना क्षेत्र के सी-सेक्टर तिराहे पर यादव टी-स्टाल के पास से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें राजेश पोद्दार और बब्बू प्रसाद प्रजापति के अलावा सतना जिले का निवासी जय कुमार पाण्डेय शामिल है। गिरफ्तार आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर सोनभद्र लाया गया और 28 अक्टूबर को न्यायालय में पेश करने के लिए रवाना किया गया।

मोरवा और बरगवां से जुड़ा है आरोपियों का पता
गिरफ्तार राजेश पोद्दार की वर्तमान निवासी के रूप में भोपाल के सागर लेक व्यू होम स्थित फ्लैट का पता दर्ज है, जबकि उसका स्थायी पता मोरवा के आदर्श नगर स्कूल के पास, वार्ड क्रमांक-9 बताया गया है। वहीं, बब्बू प्रसाद प्रजापति का वर्तमान पता भी भोपाल के सागर लेक व्यू होम में दर्ज है और उसका स्थायी पता ग्राम गोदवाली, थाना बरगवां, जिला सिंगरौली है। दोनों की गिरफ्तारी से इस मामले में सिंगरौली जिले से जुड़े संदिग्धों की भूमिका जांच के दायरे में आई है।

35 शिकायतों में 11.63 करोड़ की धोखाधड़ी का खुलासा
पुलिस के अनुसार, समन्वय (JMIS) पोर्टल के माध्यम से सत्य सनातन ट्रस्ट के नाम से पंजीकृत बैंक खातों की जांच के दौरान साइबर फ्रॉड से संबंधित 35 शिकायतों में लगभग 11.63 करोड़ की धोखाधड़ी की जानकारी सामने आई। जांच में एक बैंक खाते में करीब 2.37 करोड़ की धनराशि प्राप्त होने का पता चला। पुलिस का आरोप है कि ट्रस्ट के संचालक हरिकेश पाण्डेय उर्फ ऋषिकेश ने बैंक खाता खुलवाकर उसका खाता नंबर और एटीएम कार्ड मध्य प्रदेश के कुछ लोगों को उपलब्ध कराया था। साइबर धोखाधड़ी से प्राप्त धनराशि इन खातों में मंगाई जाती थी। इसके एवज में ट्रस्ट के अध्यक्ष को 20 प्रतिशत कमीशन दिए जाने और शेष रकम आपस में बांटने की बात भी जांच में सामने आई है।

तीन चरणों में आठ गिरफ्तारियां
इस प्रकरण में पहली कार्रवाई 25 अक्टूबर को दुद्धी रेलवे स्टेशन परिसर रोड से की गई थी, जहां मुख्य आरोपी हरिकेश पाण्डेय उर्फ ऋषिकेश सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। दूसरी कार्रवाई 26 अक्टूबर को म्योरपुर थाना क्षेत्र के रनटोला तिराहे से हुई, जहां प्रवेश राज सिंह और जोनसीन क्रिशायान उर्फ राजेश कुमार को गिरफ्तार किया गया। तीसरी कार्रवाई में भोपाल से तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद कुल गिरफ्तारियों की संख्या आठ हो गई है।
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 336(3), 338 और 340(2) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66डी के तहत दुद्धी थाने में मुकदमा दर्ज किया है। जांच के दौरान धर्मोदय फाउंडेशन, बलसा कन्स्ट्रक्शन एंड ट्रेडिंग एलएलपी, भूमित्रम इंडिया माइक्रो फाउंडेशन ट्रस्ट और राष्ट्रीय स्वराज फाउंडेशन सहित अन्य संस्थाओं के खातों में भी संदिग्ध लेन-देन सामने आने की बात कही गई है। इनसे संबंधित लेन-देन की जांच के निर्देश दिए गए हैं।
फिलहाल पुलिस मामले के वित्तीय लेन-देन, बैंक खातों और अन्य संभावित संलिप्त व्यक्तियों की भूमिका की जांच कर रही है। आरोपियों के विरुद्ध लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के अधीन होगी।

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