80 साल की उम्र में न्याय के लिए भटक रहे बुजुर्ग, कलेक्टर से लगाई गुहार

सिंगरौली। उम्र के जिस पड़ाव पर बुजुर्गों को अपनों के सहारे और सुकून की जरूरत होती है, उस उम्र में इटवा बनौली निवासी 80 वर्षीय भुवनेश्वर तिवारी न्याय के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। अपनी पीड़ा लेकर उन्होंने कलेक्टर अंकित अस्थाना के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाई है।
भुवनेश्वर तिवारी ने आरोप लगाया कि भरण-पोषण संबंधी आदेश होने के बाद उनके साथ मारपीट की गई। इतना ही नहीं, घर के कमरों में ताले लगा दिए गए हैं और उन्हें लोगों से मिलने तक नहीं दिया जा रहा है। उनका कहना है कि इस स्थिति में उन्हें अपने ही घर में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बुजुर्ग ने बताया कि वह अपनी समस्या को लेकर एसडीएम, तहसीलदार और पटवारी कार्यालय के लगातार चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन अब तक उन्हें राहत नहीं मिली। उन्होंने विंध्यनगर पुलिस में भी शिकायत की थी, लेकिन उनके अनुसार वहां से भी कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
80 वर्षीय भुवनेश्वर तिवारी ने कलेक्टर से मामले की जांच कराकर उन्हें न्याय दिलाने और सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। बुजुर्ग का कहना है कि लगातार सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटते-काटते वह थक चुके हैं। अब उन्हें जिला प्रशासन से ही आखिरी उम्मीद है। उनके आवेदन के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन मामले की जांच कर उनकी शिकायत पर क्या कार्रवाई करता है।













