प्रेम प्रसंग में युवक की बेरहमी से हत्या का खुलासा, करंट लगाकर पीटा और कुल्हाड़ी से काट दिया पैर; 4 आरोपी गिरफ्तार

सिंगरौली। जिले के बरगवां थाना क्षेत्र में प्रेम प्रसंग के चलते हुई युवक की निर्मम हत्या का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। इस अंधी हत्या के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने युवक को घर बुलाकर पहले बिजली का करंट लगाया, फिर लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा और कुल्हाड़ी से उसका पैर काट दिया। बाद में उसे मृत समझकर खेत में फेंक दिया और साक्ष्य मिटाने के लिए उसके कपड़े जला दिए।रविवार को पुलिस अधीक्षक मनीष खत्री ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में पूरे मामले का खुलासा किया।
खेत में मिला था गंभीर रूप से घायल युवक
एसपी मनीष खत्री ने बताया कि घटना 27-28 फरवरी की रात ग्राम पोखरा की है। 28 फरवरी की सुबह करीब 6 बजे पुलिस को सूचना मिली कि आजादपुर निवासी संदीप यादव (20) पुत्र राजेन्द्र यादव ग्राम पोखरा के पास परमानंद बैस के खेत में बेहोशी की हालत में पड़ा है। उसके शरीर पर कई गंभीर चोटों के निशान थे और बायां पैर कटा हुआ था।पुलिस ने तत्काल उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल बैढ़न पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर उसे Jabalpur रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

पुलिस ने बनाई विशेष टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी मनीष खत्री के मार्गदर्शन में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई।एएसपी सर्वप्रिय सिंहा, एसडीओपी गौरव पाण्डेय और एसडीओपी राहुल सैयाम के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। डॉग स्क्वॉड और एफएसएल टीम की मदद से साक्ष्य जुटाए गए।
प्रेम प्रसंग बना हत्या की वजह
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि मृतक संदीप यादव का ग्राम पोखरा निवासी पूजा पनिका से प्रेम प्रसंग था। इसी बीच पूजा की शादी Obra में तय हो गई थी। इससे नाराज होकर संदीप उस पर शादी करने का दबाव बना रहा था।इससे परेशान होकर पूजा ने अपने परिजनों को पूरी बात बताई, जिसके बाद परिजनों ने मिलकर संदीप को रास्ते से हटाने की साजिश रची।
घर बुलाकर दिया वारदात को अंजाम
योजना के तहत 27 फरवरी की रात पूजा पनिका ने संदीप को अपने घर बुलाया। वहां पहले से मौजूद उसके चाचा भोलानाथ पनिका (39), भाई मेलासागर पनिका (19) और मां मुन्नी देवी पनिका (40) ने मिलकर संदीप को पकड़ लिया।आरोपियों ने पहले उसे समझाने की कोशिश की, लेकिन जब वह शादी की जिद पर अड़ा रहा तो आरोपियों ने उसे डराने के लिए बिजली का करंट लगाया और लाठी-डंडों से मारपीट की। इसके बाद भोलानाथ पनिका ने कुल्हाड़ी से उसका बायां पैर काट दिया। अत्यधिक खून बहने से वह बेहोश हो गया।आरोपियों ने उसे मृत समझकर घर के पास खेत में फेंक दिया और पहचान छिपाने के लिए उसके कपड़े जला दिए।
जंगली जानवर के हमले का देने लगे रंग
घटना के बाद आरोपियों ने इसे जंगली जानवर के हमले या शिकारियों द्वारा लगाए गए करंट का मामला बताने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने मुखबिर सूचना और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उनकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त लाठी, कुल्हाड़ी, बिजली का तार और मोबाइल फोन बरामद किया गया।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 118(1), 109(1), 103(1) और 238 के तहत मामला दर्ज किया है। चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जिला जेल भेज दिया गया है।
इस मामले के खुलासे में बरगवां थाना प्रभारी मो. समीर सहित कई पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की अहम भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक मनीष खत्री ने पूरी टीम को 10 हजार रुपये नगद इनाम देने की घोषणा की है।













