श्रमिक की मौत पर बंधौरा पावर प्लांट में बवाल: मजदूरों ने ऑफिस में लगाई आग, कई गाड़ियों में तोड़फोड़; पुलिस से भी धक्का-मुक्की

सिंगरौली। जिले के बंधौरा क्षेत्र स्थित पावर प्लांट में एक श्रमिक की मौत के बाद शुक्रवार देर रात हालात अचानक तनावपूर्ण हो गए। गुस्साए मजदूरों ने ठेकेदार कंपनी के दफ्तर में आगजनी कर दी और परिसर में खड़ी कई गाड़ियों में जमकर तोड़फोड़ की। इस दौरान मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और अधिकारियों के साथ भी धक्का-मुक्की और मारपीट की जानकारी सामने आई है। घटना के बाद पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और हालात पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
जानकारी के अनुसार मामला अडानी ग्रुप से जुड़े बंधौरा पावर प्लांट का है, जहां ठेकेदार कंपनी पावर मेक के तहत काम करने वाले एक श्रमिक की उसके आवास में मौत हो गई थी। जैसे ही इस घटना की जानकारी अन्य मजदूरों को मिली, वे बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए और कंपनी प्रबंधन के खिलाफ आक्रोश व्यक्त करने लगे।

शव छिपाने का आरोप, भड़के मजदूर
मजदूरों का आरोप है कि श्रमिक की मौत के बाद कंपनी प्रबंधन मामले को दबाने की कोशिश कर रहा था और शव को छिपाने का प्रयास किया जा रहा था। इसी बात को लेकर मजदूरों और पुलिस के बीच बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते माहौल गरमा गया और बड़ी संख्या में एकत्र मजदूरों की भीड़ उग्र हो गई।
ऑफिस में आगजनी, गाड़ियों में तोड़फोड़
आक्रोशित मजदूरों ने ठेकेदार कंपनी पॉवर मेक के कार्यालय परिसर में खड़ी कई गाड़ियों को निशाना बनाते हुए तोड़फोड़ शुरू कर दी। कुछ ही देर में कई वाहनों के शीशे तोड़ दिए गए और कुछ गाड़ियों में आग भी लगा दी गई। आगजनी के कारण परिसर में अफरा-तफरी मच गई और लोग इधर-उधर भागते नजर आए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इस दौरान हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ भी धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने स्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन भीड़ काफी आक्रोशित थी।
मौके पर पहुंचे अधिकारी, भारी पुलिस बल तैनात
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया और पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। पुलिस ने किसी तरह मजदूरों को समझाकर माहौल शांत कराने की कोशिश की।
मुआवजे और कार्रवाई की मांग
मजदूरों का कहना है कि मृतक श्रमिक के परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए और घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उनका आरोप है कि कंपनी प्रबंधन मजदूरों की सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर गंभीर नहीं है।
कंपनी का दावा: हार्ट फेल से हुई मौत
वहीं कंपनी प्रबंधन का कहना है कि श्रमिक की मौत उसके आवास में हुई है और प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कारण हार्ट फेल बताया जा रहा है। प्रबंधन का कहना है कि वास्तविक स्थिति पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी और जो भी उचित कार्रवाई होगी, वह नियमों के अनुसार की जाएगी।
फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच की बात कह रहा है। घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है, हालांकि पुलिस के अनुसार हालात अब नियंत्रण में हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।













