बड़ी खबरब्रेकिंग न्यूज़मध्य प्रदेशसिंगरौली

एनसीएल में 20वीं कंपनी स्तरीय द्विपक्षीय सुरक्षा समिति की बैठक का हुआ आयोजन

सिंगरौली। नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) मुख्यालय में 14 जून 2026 को 20वीं कंपनी स्तरीय द्विपक्षीय सुरक्षा समिति की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता एनसीएल के सीएमडी बी. साईराम ने की।

अपने उद्बोधन में बी. साईराम ने बैठक में हुई चर्चा को रचनात्मक बताया। उन्होंने संविदा कर्मियों सहित सभी कर्मचारियों के प्रशिक्षण को सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपरिहार्य बताया तथा परियोजनाओं में स्थित व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्रों (वीटीसी) को मॉडल एवं विशिष्ट प्रशिक्षण केंद्रों के रूप में विकसित करने पर बल दिया। उन्होंने एनसीएल की नवाचारी ई-प्रशिक्षण पहल ‘वीटीसी पोर्टल’ की सराहना की। उन्होंने स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से सभी संविदा कर्मियों के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित करने का आह्वान किया तथा कल्याण सुविधाओं में सतत सुधार के निर्देश दिए। वर्तमान युद्धजनित वैश्विक परिस्थितियों के आलोक में उन्होंने खदान परिचालन में भी ई-वाहनों के उपयोग को समय की आवश्यकता बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी राष्ट्र की ऊर्जा आकांक्षाओं को सुनिश्चित करते रहना हमारी जिम्मेदारी है।


इस अवसर पर एनसीएल के निदेशक (मानव संसाधन) मनीष कुमार एवं निदेशक (तकनीकी) आशुतोष द्विवेदी भी उपस्थित रहे। बैठक में संयुक्त सलाहकार समिति (जेसीसी), सीएमओएआई तथा कंपनी सुरक्षा बोर्ड के सदस्यों ने भाग लिया। बतौर जेसीसी सदस्य श्रमिक संघ से अजय कुमार (सीएमएस), श्यामधर दूबे (बीएमएस), लाल पुष्पराज सिंह (आरसीएसएस), अशोक कुमार पांडेय (एचएमएस), सीएमओएआई की ओर से अध्यक्ष एस.के पांडेय एवं महासचिव सर्वेश सिंह उपस्थित रहे। सभी परियोजनाओं के महाप्रबंधकगण, एनसीएल मुख्यालय के विभागाध्यक्ष के साथ श्रमिक संघों के सुरक्षा बोर्ड के सदस्य मोहम्मद जिन्ना (सीएमएस), एस.डी. तिवारी (सीएमएस), राम प्रकाश मौर्य (बीएमएस), कंचन कुमार अविनाश (बीएमएस), निरंजन झा (आरसीएसएस), इंद्रेश कुमार (आरसीएसएस), कमलेश्वर पटेल (एचएमएस) एवं तबरेज अहमद (एचएमएस) भी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर निदेशक (मानव संसाधन) मनीष कुमार ने बैठक में प्राप्त सुझावों को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि एनसीएल सुझावों को सदैव सकारात्मक दृष्टिकोण से ग्रहण करती है। उन्होंने भर्ती प्रक्रियाओं में अपनाई जा रही पारदर्शिता का जिक्र किया और चिकित्सा सुविधाओं सहित सभी कल्याणकारी व्यवस्थाओं को निरंतर बेहतर बनाने की कंपनी की प्रतिबद्धता को दोहराया।
निदेशक (तकनीकी) आशुतोष द्विवेदी ने कहा कि बैठक के दौरान विभिन्न विषयों पर हुई विस्तृत एवं गहन चर्चा से अनेक बहुमूल्य सुझाव प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि खदानों में सुदृढ़ सुरक्षा संस्कृति का विकास ही इस परिचर्चा का सबसे सार्थक निष्कर्ष है। उन्होंने सभी को सुरक्षा के प्रति अति-आत्मविश्वास से बचने की सलाह देते हुए कहा कि खदान परिचालन एक विशेष कार्य है जिसके लिए विशेष सतर्कता और जिम्मेदारी आवश्यक है। उन्होंने कार्यस्थलों पर सौहार्दपूर्ण, सुरक्षित एवं सकारात्मक वातावरण के निर्माण पर विशेष बल दिया।

बैठक की शुरुआत सुरक्षा शपथ के साथ हुई। बैठक में गत वर्ष की अवधि में हुई दुर्घटनाओं, उनके कारणों, विश्लेषण एवं सुधारात्मक उपायों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। साथ ही पिछली बैठक में लिए गए निर्णयों एवं बिंदुओं पर हुई अनुपालन कार्रवाई की समीक्षा की गई। बैठक में जेसीसी एवं सुरक्षा बोर्ड के सदस्यों ने सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर अपने सुझाव एवं अनुभव साझा किए। प्रतिनिधियों ने कार्यस्थलों पर सुरक्षित कार्य संस्कृति को और अधिक मजबूत बनाने तथा दुर्घटना-मुक्त वातावरण सुनिश्चित करने हेतु विभिन्न रचनात्मक सुझाव दिए। सदस्यों ने विशेष रूप से एलएमवी रोड-सुरक्षा, डिजिटल वीटीसी व आईट्रिपलसी जैसी नवाचारी पहलों को सराहा। बैठक का आयोजन महाप्रबंधक (सुरक्षा) के संयोजन में उनकी टीम द्वारा किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत से पहले खनिक प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया।

 

गौरतलब है कि एनसीएल में आगामी 15 जून को डीजीएमएस के तत्वाधान में वार्षिक सुरक्षा सप्ताह का पारितोषिक वितरण समारोह खड़िया क्षेत्र में आयोजित किया जाएगा, जिसमें डीजीएमएस के वरिष्ठ अधिकारीगण व एनसीएल समेत सिंगरौली परिक्षेत्र की विभिन्न कोयला खनन कंपनियां भाग लेंगी। एनसीएल में 15 जून को सुरक्षा समिति की त्रिपक्षीय बैठक भी आयोजित की जाएगी।

Author

Related Articles

Back to top button