गौशाला और तालाब कार्यों में भ्रष्टाचार के आरोप, शिकायतों के बाद भी जांच नहीं; ग्रामीणों में आक्रोश
निगरी पंचायत में लाखों की गड़बड़ी का दावा, सरपंच-सचिव की भूमिका पर उठे सवाल

सिंगरौली। जनपद पंचायत देवसर की ग्राम पंचायत निगरी में गौशाला और तालाब गहरीकरण कार्यों में कथित भ्रष्टाचार को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि निर्माण और विकास कार्यों में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं, लेकिन शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी जांच कराने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार गौशाला परिसर में स्ट्रीट लाइटें लगाए बिना ही उनकी खरीद और मरम्मत के नाम पर सरकारी राशि निकाल ली गई। इसके अलावा अन्य निर्माण कार्यों में भी नियमों को ताक पर रखकर भुगतान किए जाने का आरोप लगाया गया है।
तालाब गहरीकरण में फर्जीवाड़े का आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि सरैहा चौराहा स्थित शिवपाल तालाब के गहरीकरण और सफाई कार्य में भी गंभीर गड़बड़ियां हुई हैं। आरोप है कि तालाब की खुदाई निजी मशीनों और संसाधनों से कराई गई, जबकि दस्तावेजों में मजदूरों से कार्य कराए जाने का उल्लेख कर फर्जी मस्टर रोल तैयार किए गए। ग्रामीणों का दावा है कि तालाब से निकली मिट्टी को भी बेचा गया और शासन की राशि का दुरुपयोग किया गया।

जांच नहीं होने से बढ़ रहे सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायतें करने के बावजूद अब तक कोई निष्पक्ष जांच नहीं हुई है। इससे पंचायत के जिम्मेदारों के हौसले बुलंद हैं और भ्रष्टाचार के आरोपों पर पर्दा डालने की कोशिश की जा रही है।
आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। अब लोगों की नजर प्रशासन पर टिकी है कि आखिर कथित घोटाले की जांच कब शुरू होगी और दोषियों पर कब कार्रवाई होगी।













