आधी रात रक्तदान कर बचाई जिंदगी, जन प्रयास फाउंडेशन के सुमित बने फरिश्ता

सिंगरौली। “देकर अपना रक्त बनाते हैं खून के रिश्ते, तभी तो लोग कहते हैं आ गए फरिश्ते”— इस कहावत को साकार किया है जन प्रयास फाउंडेशन के सदस्य एवं रक्तवीर सुमित जी (ए-नेगेटिव) ने। उन्होंने आधी रात को जरूरतमंद अजय कुमार पांडे के लिए दुर्लभ ए-नेगेटिव रक्तदान कर उनकी जान बचाने में अहम भूमिका निभाई।
जानकारी के अनुसार मरीज का हीमोग्लोबिन मात्र 2.8 ग्राम रह गया था और तत्काल रक्त की आवश्यकता थी। ए-नेगेटिव जैसे अत्यंत दुर्लभ रक्त समूह का इंतजाम होना चुनौतीपूर्ण था। सूचना मिलते ही सुमित जी अस्पताल पहुंचे और रक्तदान कर मरीज को नया जीवन देने का कार्य किया।
जन प्रयास फाउंडेशन के संस्थापक एवं सचिव अमरदीप भारूका ने बताया कि सुमित जी पूर्व में भी कई बार स्वैच्छिक रक्तदान कर जरूरतमंदों की मदद कर चुके हैं। फाउंडेशन और जिलेवासियों ने उनके इस मानवीय कार्य की सराहना करते हुए उन्हें “रक्तवीर” बताया और उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।













