फ्रांस की मानवाधिकार नसीहत पर भड़के ईरानी विदेश मंत्री, अराघची बोले- ‘भाषण देना बंद करो, दोहरापन साफ दिखता है’

नई दिल्ली। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने मानवाधिकार और अंतरराष्ट्रीय कानून को लेकर फ्रांस की आलोचना पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने फ्रांस पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि उसे दुनिया को मानवाधिकार और अंतरराष्ट्रीय कानून पर भाषण देना बंद कर देना चाहिए।
अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा कि गाजा में इजरायल की कार्रवाई और ईरान के खिलाफ उसके रुख का समर्थन करने के बाद फ्रांस का नैतिक आधार कमजोर हो गया है। उन्होंने फ्रांस की नीतियों को पाखंडपूर्ण बताते हुए कहा कि उसका दोहरापन स्पष्ट दिखाई देता है।
यह विवाद उस समय सामने आया है, जब फ्रांस समेत 25 देशों और यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कालास ने ईरान में मृत्युदंड के इस्तेमाल को लेकर चिंता जताई। संयुक्त बयान में ईरान से प्रदर्शनकारियों को मृत्युदंड देने की प्रक्रिया रोकने और कथित रूप से मनमाने ढंग से हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा करने की मांग की गई।
अराघची ने फ्रांस की इस आलोचना को स्वीकार करने के बजाय गाजा और ईरान से जुड़े मामलों का हवाला देते हुए उसके मानवाधिकार संबंधी दावों पर सवाल उठाया। उनका कहना है कि जो देश अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवाधिकार की बात करते हैं, उन्हें अपनी विदेश नीति में भी समान मानदंड अपनाने चाहिए।
ईरानी पक्ष की प्रतिक्रिया के बाद दोनों देशों के बीच मानवाधिकार और विदेश नीति को लेकर बयानबाजी तेज होने के संकेत हैं।













