प्राचार्य पदस्थ, फिर भी संलग्न शिक्षक संभाल रहे संकुल की कमान! बरगवां में शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल
निजी स्कूल संचालकों की शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं, डीपीआई भोपाल से लेकर कलेक्टर और डीईओ तक पहुंचा मामला
सिंगरौली। जिले के बरगवां स्थित शासकीय कन्या हाई स्कूल के संकुल केंद्र में पदस्थापना और प्रभार को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि संस्था में नियमित प्राचार्य की पदस्थापना होने के बावजूद दूसरे विद्यालय में पदस्थ उच्च माध्यमिक शिक्षक संकुल प्राचार्य का काम संभाल रहे हैं। मामले की शिकायत लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल, संयुक्त संचालक रीवा, कलेक्टर सिंगरौली और जिला शिक्षा अधिकारी से किए जाने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार संकुल शासकीय कन्या हाई स्कूल बरगवां में पूर्व प्राचार्य सुदामा प्रसाद जायसवाल के सेवानिवृत्त होने के बाद शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बेटहाडांड में पदस्थ उच्च माध्यमिक शिक्षक अजीत कुमार वर्मा को प्रतिनियुक्ति पर लाकर संकुल का प्रभार दिया गया था। बाद में लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल के आदेश से राजेश शुक्ला की प्राचार्य के पद पर पदस्थापना कर दी गई।
आरोप है कि राजेश शुक्ला की पदस्थापना के बाद अजीत कुमार वर्मा को उनके मूल विद्यालय में वापस जाना चाहिए था, लेकिन इसके बावजूद वह संकुल केंद्र में प्राचार्य का कार्य कर रहे हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यह संलग्नीकरण संबंधी शासन के निर्देशों की अवहेलना के साथ-साथ पदस्थ प्राचार्य की भूमिका पर भी सवाल खड़े करता है।
शिक्षण व्यवस्था पर भी उठे सवाल
शिकायतकर्ताओं के अनुसार अजीत वर्मा गणित विषय के शिक्षक हैं और उनकी मूल पदस्थापना बेटहाडांड विद्यालय में है। वहीं राजेश शुक्ला को बरगवां कन्या हाई स्कूल में प्राचार्य बनाया गया है। आरोप है कि दोनों की भूमिका को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने से विद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
निजी स्कूल संचालकों ने संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच कर शासन के निर्देशों के अनुरूप संलग्नीकरण समाप्त करने और प्राचार्य को उनके पद के अनुरूप संकुल की जिम्मेदारी सौंपने की मांग की है। अब देखना होगा कि शिकायतों के बाद शिक्षा विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।












