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एसी के भुगतान का विवाद पहुंचा मारपीट तक, पूर्व मंत्री गोविंद सिंह के भतीजे पर एफआईआर

दफ्तर में घुसकर मारपीट का आरोप, घटना सीसीटीवी में कैद; दूसरे पक्ष ने भी मारपीट की शिकायत दी

ग्वालियर। सिटी सेंटर इलाके में एसी लगाने के काम के भुगतान को लेकर शुरू हुआ विवाद मारपीट और पुलिस प्रकरण तक पहुंच गया। यूनिवर्सिटी थाना पुलिस ने कांग्रेस नेता एवं पूर्व मंत्री गोविंद सिंह के भतीजे अक्षय प्रताप सिंह, अभिमन्यु और उनके अन्य साथियों के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज किया है। शिकायतकर्ता प्रदीप नरवरिया का आरोप है कि आरोपी उसके कार्यालय में पहुंचे और वहां उसके साथ मारपीट की। पुलिस के अनुसार घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है।

पुलिस के मुताबिक प्रदीप नरवरिया को दतिया में बन रहे कार्यालय में एसी लगाने का काम दिया गया था। इसके लिए उसे दो हजार रुपए अग्रिम दिए गए थे। प्रदीप अपने साथियों के साथ दतिया पहुंचा, लेकिन काम के बाकी भुगतान को लेकर विवाद हो गया। भुगतान नहीं मिलने पर उसने काम रोक दिया और वापस ग्वालियर लौट आया।

प्रदीप का आरोप है कि इसके बाद अक्षय प्रताप सिंह अपने साथियों के साथ सिटी सेंटर स्थित उसके कार्यालय पहुंचा। बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया और उसके साथ मारपीट की गई। शिकायत में जमीन पर घसीटने और कुर्सी से हमला करने का भी आरोप लगाया गया है। मारपीट में शरीर के अलग-अलग हिस्सों में चोट लगने और तीन फ्रैक्चर होने की बात कही गई है। पूरी घटना कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड होने का दावा किया गया है।

दूसरे पक्ष ने भी लगाया मारपीट का आरोप

अक्षय प्रताप सिंह ने प्रदीप के आरोपों को एकतरफा बताते हुए अपनी ओर से भी मारपीट की शिकायत की है। उसका कहना है कि एसी लगाने का सौदा पांच हजार रुपए में हुआ था और उसने दो हजार रुपए अग्रिम दिए थे। दतिया पहुंचने के बाद काम से जुड़े लोगों ने बाकी रकम के रूप में चार हजार रुपए मांगे, जबकि उसके अनुसार तीन हजार रुपए देना शेष था। विवाद के बाद काम बंद हो गया और वह अग्रिम राशि वापस लेने प्रदीप के कार्यालय पहुंचा था।

अक्षय का आरोप है कि रुपए वापस मांगने के दौरान प्रदीप ने उसके साथ मारपीट की, जिससे उसके दांत में चोट लगी और एक दांत टूट गया। उसके साथियों ने इस घटना को लेकर यूनिवर्सिटी थाने पहुंचकर विरोध भी जताया।

थाना प्रभारी रविंद्र जाटव के अनुसार दफ्तर में घुसकर मारपीट की शिकायत मिली है और घटना के सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस के सामने आए हैं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस दोनों पक्षों के आरोपों की जांच कर रही है। सीसीटीवी फुटेज, दोनों पक्षों के बयान और मेडिकल रिपोर्ट को महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि घटना के दौरान मौके पर कौन-कौन मौजूद था और मारपीट की शुरुआत किन परिस्थितियों में हुई। एफआईआर दर्ज होना आरोप सिद्ध होने के बराबर नहीं है। जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय होगी।

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