इंदौर में नशीली दवाओं की बिक्री पर सख्ती, बिना पर्चे नहीं मिलेंगी चिन्हित दवाएं
मेडिकल स्टोर संचालकों को प्रिस्क्रिप्शन की प्रति सुरक्षित रखना होगी; 24 अक्टूबर तक प्रभावी रहेगा प्रतिबंधात्मक आदेश

इंदौर। प्रतिबंधित और नशे के लिए दुरुपयोग की आशंका वाली दवाओं की अनधिकृत बिक्री पर रोक लगाने के लिए पुलिस प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह ने नगर सीमा में चिन्हित दवाओं की बिक्री को लेकर प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। अब निर्धारित दवाएं केवल पंजीकृत चिकित्सा व्यवसायी के लिखित पर्चे पर ही मेडिकल स्टोर से दी जा सकेंगी।
आदेश के दायरे में नाइट्राजेपाम, नाइट्रावेट, क्लोनाजेपाम, डायजेपाम, ऑक्साजेपाम, एटिजोलाम, अल्प्राजोलम, कोडीन फॉस्फेट युक्त सिरप या गोलियां सहित अन्य चिन्हित दवाएं शामिल हैं। बिना वैध चिकित्सकीय पर्चे के इनकी बिक्री करने पर मेडिकल स्टोर संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
पर्चे की प्रति रखना अनिवार्य
मेडिकल स्टोर संचालकों को केवल डॉक्टर का पर्चा देखना पर्याप्त नहीं होगा। आदेश के अनुसार लिखित प्रिस्क्रिप्शन की छायाप्रति सुरक्षित रखनी होगी, ताकि जरूरत पड़ने पर बिक्री का रिकॉर्ड जांचा जा सके। इससे दवा की बिक्री और चिकित्सकीय आवश्यकता का सत्यापन किया जा सकेगा।
गर्भपात और गर्भ समापन से संबंधित दवाओं तथा उनके समूह की गोली, इंजेक्शन और जेल जैसी दवाओं की बिक्री भी पंजीकृत चिकित्सा व्यवसायी के लिखित पर्चे पर ही की जाएगी। इन दवाओं के प्रिस्क्रिप्शन का रिकॉर्ड भी मेडिकल स्टोर को सुरक्षित रखना होगा।
औषधि प्रशासन करेगा जांच
आदेश के पालन की जिम्मेदारी खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम को दी गई है। टीमें मेडिकल स्टोरों का नियमित निरीक्षण करने के साथ आकस्मिक जांच भी कर सकेंगी। जांच के दौरान संचालक को दवाओं की बिक्री से संबंधित रिकॉर्ड प्रस्तुत करना होगा। अनियमितता मिलने पर कार्रवाई की रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित संचालक के खिलाफ कार्रवाई होगी। गंभीर अनियमितता पाए जाने पर प्रकरण दर्ज कराने की प्रक्रिया भी अपनाई जा सकती है। प्रतिबंधात्मक आदेश 24 अक्टूबर 2026 तक प्रभावी रहेगा।













