जन्माष्टमी पर दुधमनिया के प्रणामी मंदिर में उमड़ेगा श्रद्धालुओं का सैलाब
4 सितंबर को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का भव्य आयोजन, मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ उत्तर प्रदेश से भी पहुंचेंगे भक्त; सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर विशेष फोकस

सिंगरौली। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर दुधमनिया स्थित श्रीकृष्ण प्रणामी मंदिर परमहंस धाम, सत्संग नगर में तैयारियां अंतिम दौर में हैं। 4 सितंबर को आयोजित होने वाले श्रीकृष्ण जन्मोत्सव में सिंगरौली के अलावा मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों तथा उत्तर प्रदेश के सोनभद्र, मिर्जापुर सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। मंदिर परिसर में धार्मिक आयोजनों के साथ श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।मंदिर के संस्थापक गुंजारी लाल तिवारी ने बताया कि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए भोजन और ठहरने की व्यवस्था की जाएगी। जन्माष्टमी पर भगवान श्री राधा-कृष्ण के युगल विग्रह के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में भक्तों के पहुंचने की उम्मीद है।
सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान
श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन को लेकर पुलिस तथा स्थानीय लोगों के बीच बैठक भी हो चुकी है। मंदिर परिसर और आसपास श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित रखने के साथ यातायात व्यवस्था सुचारू बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।सिंगरौली-चितरंगी मार्ग पर स्थित दुधमनिया का प्रणामी मंदिर पहाड़ी क्षेत्र और चारों ओर फैली हरियाली के बीच स्थित है। सिंगरौली रेलवे स्टेशन से करीब 18 किलोमीटर दूर यह मंदिर धार्मिक आस्था के साथ प्राकृतिक सौंदर्य के लिए भी आकर्षण का केंद्र है।
धार्मिक आयोजनों के साथ समाजसेवा
मंदिर में वर्षभर विभिन्न धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं। संत-महात्माओं, जगद्गुरुओं, महामंडलेश्वरों और कथावाचकों के आगमन पर भगवत कथा व सत्संग जैसे आयोजन होते रहते हैं। मंदिर प्रबंधन धार्मिक गतिविधियों के साथ समाजसेवा के क्षेत्र में भी कार्य करता है। जरूरतमंद कन्याओं के विवाह, बटुकों के उपनयन संस्कार तथा प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए प्रोत्साहन राशि देने जैसे कार्य किए जाते हैं।
मंदिर का वार्षिकोत्सव फाल्गुन मास में महाशिवरात्रि के अवसर पर आयोजित होता है, जबकि भादौ मास में भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के रूप में जन्माष्टमी का भव्य आयोजन किया जाता है।मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं से 4 सितंबर को सपरिवार दुधमनिया पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी के दर्शन करने तथा धार्मिक आयोजन में शामिल होने की अपील की है। दूर-दराज से आने वाले भक्तों के लिए भोजन एवं ठहरने की व्यवस्था उपलब्ध रहेगी।













