रियाद एयरपोर्ट पर फिर हमले का दावा, मिसाइल और ड्रोन मार गिराने की सऊदी गठबंधन की सूचना
हूती विद्रोहियों ने हवाई अड्डे को सैन्य लक्ष्य बताया, यात्रियों और विमानन कंपनियों को दी दूर रहने की चेतावनी

रियाद। सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने दावा किया है कि रियाद की ओर दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल और 2 ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया गया। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को आंशिक रूप से फिर खोलकर सीमित उड़ानों का संचालन शुरू किया गया है।
हूती विद्रोहियों ने दावा किया है कि उन्होंने रविवार को सऊदी अरब पर कई हमले किए। समूह के अनुसार, इनमें किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाकर किया गया हमला भी शामिल था। हालांकि, हवाई अड्डे पर हमले और उसके लक्ष्य तक पहुंचने के दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर हवाई अड्डे को सैन्य लक्ष्य बताते हुए यात्रियों, कर्मचारियों और विमानन कंपनियों को वहां जाने से बचने की चेतावनी दी। उनके बयान के बाद हवाई अड्डे की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
12 मिसाइलें और 2 ड्रोन मार गिराने का दावा
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के मुताबिक, रविवार को सऊदी अरब की ओर दागी गई कुल 12 मिसाइलों और 2 ड्रोनों को हवा में ही नष्ट किया गया। इनमें रियाद क्षेत्र को निशाना बनाकर दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल और 2 ड्रोन शामिल बताए गए हैं। हूती विद्रोहियों ने खमीस मुशैत स्थित किंग खालिद एयर बेस और जाजान में सऊदी सीमा सुरक्षा बल के नौसैनिक अड्डे को निशाना बनाने का भी दावा किया है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
तेल प्रतिष्ठानों को लेकर भी चेतावनी
हूती नियंत्रण वाले क्षेत्र की समाचार एजेंसी सबा ने एक सैन्य सूत्र के हवाले से सऊदी अरब के तेल प्रतिष्ठानों से कर्मचारियों और आम नागरिकों को दूर रहने की चेतावनी दिए जाने की जानकारी दी है। सऊदी कंपनियों में निवेश करने वाले शेयरधारकों को भी संभावित नुकसान को लेकर आगाह किया गया है।
लगातार जारी हमलों के दावों और धमकियों के बीच सऊदी अरब के हवाई अड्डों, सैन्य ठिकानों और तेल प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ रही है। फिलहाल, दोनों पक्षों की ओर से किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं होने के कारण घटनाक्रम पर स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है।













