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180 यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट स्मित मच्छार को यूएई का सर्वोच्च सम्मान

कॉकपिट में हमले के बावजूद नहीं छोड़ा हौसला, फ्लाइट के पूरे चालक दल को मिला फर्स्ट क्लास ऑर्डर ऑफ जायद

दुबई, 28 अक्टूबर। हजारों फीट की ऊंचाई पर उड़ते विमान में जानलेवा हमला, नियंत्रण बिगड़ने का खतरा और सैकड़ों जिंदगियों पर मंडराता संकट। ऐसे भयावह हालात में साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देने वाले फ्लाईदुबई के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने सम्मानित किया है। यात्रियों और चालक दल के सदस्यों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाने के लिए उन्हें और उड़ान एफजेड1073 के चालक दल को फर्स्ट क्लास ऑर्डर ऑफ जायद से नवाजा गया।

यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने चालक दल के सदस्यों के साहस और जिम्मेदारी की सराहना की। मंगलवार को राष्ट्रपति ने उनसे मुलाकात की। इस दौरान दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम भी मौजूद रहे। दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने चालक दल को सम्मान प्रदान किया।

कॉकपिट में हुआ जानलेवा हमला

यह घटना 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 में हुई थी। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उड़ान के दौरान कॉकपिट में हिंसक घटना हुई, जिसमें कैप्टन मच्छार गंभीर रूप से घायल हो गए। हालात बिगड़ने पर विमान को सऊदी अरब के तबुक की ओर मोड़ना पड़ा।

समाचार रिपोर्ट में कैप्टन मच्छार ने बताया कि कॉकपिट का दरवाजा खोलने से पहले ही सह-पायलट ने उन पर कई बार हमला किया। शुरुआत में उन्हें लगा कि विमान का कोई हिस्सा उनके सिर पर गिरा है, लेकिन जल्द ही उन्हें एहसास हुआ कि उन पर चालक दल के ही एक सदस्य ने हमला किया है।

लगातार हमलों के कारण उनकी दृष्टि धुंधली पड़ने लगी थी। गंभीर चोटों के बावजूद उन्होंने खुद को संभालने और कॉकपिट के दरवाजे तक पहुंचने की कोशिश की। इसी दौरान वह बेहोश होकर गिर पड़े। रिपोर्ट के मुताबिक, हमले में कुल्हाड़ी का भी इस्तेमाल किया गया था।

17 हजार फीट नीचे गिरा विमान

रिपोर्ट के अनुसार, घटना के दौरान विमान करीब 17,000 फीट नीचे गिर गया था। कैप्टन मच्छार ने बताया कि विमान के इंजन बंद होने की आवाज और उसके प्रभाव ने स्थिति की गंभीरता का एहसास कराया। ऐसे संकट में विमान को सुरक्षित संभालना चालक दल के लिए बड़ी चुनौती थी।

कैप्टन के कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल होने के बाद अन्य चालक दल के सदस्यों और यात्रियों ने अंदर पहुंचकर हमलावर सह-पायलट को काबू किया। आपातकालीन स्थिति को देखते हुए विमान से अपहरण संबंधी संकेत भेजा गया और बाद में तबुक में आपातकालीन लैंडिंग कराई गई। विमान में सवार सभी 180 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया।

गंभीर अनुभव के बाद भी विमानन से प्यार कायम

इतने भयावह अनुभव के बावजूद कैप्टन मच्छार का विमानन के प्रति जुनून कम नहीं हुआ। समाचार पत्र ‘द नेशनल’ को दिए साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि इस घटना ने उड़ान के प्रति उनके प्यार को खत्म नहीं किया। उन्होंने इस बात पर संतोष जताया कि वह अपना कर्तव्य निभाने में सफल रहे।

घटना के बाद दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हमदान ने इलाज के दौरान उनसे मुलाकात कर उनके साहस और जिम्मेदारी की प्रशंसा की थी। उन्होंने सामाजिक माध्यम ‘एक्स’ पर कैप्टन के प्रयासों को यूएई के मानवीय मूल्यों से जोड़ते हुए उनकी सराहना की।

रिपोर्ट के अनुसार, इस्राइल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने भी कैप्टन मच्छार को नागरिक वीरता के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार देने की घोषणा की है। इस तरह संकट की घड़ी में यात्रियों की सुरक्षा के लिए किए गए उनके प्रयासों को यूएई और इस्राइल, दोनों देशों में सम्मान मिला है।

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