विधिक साक्षरता शिविर में विद्यार्थियों को कानून और अधिकारों की दी जानकारी
नशे और अपराध से दूर रहने की अपील, एफआईआर दर्ज होने पर भविष्य पर पड़ सकता है असर : न्यायाधीश

सिंगरौली। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) की कार्ययोजना के तहत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सरई में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष अतुल कुमार खंडेलवाल के निर्देशन तथा सचिव मनोरम तिवारी के मार्गदर्शन में किया गया। शिविर का नेतृत्व न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सरई श्रीमती निरंजना योगेश मालवीय ने किया।
शिविर में न्यायाधीश श्रीमती मालवीय ने विद्यार्थियों को निःशुल्क विधिक सहायता, उनके कानूनी अधिकारों एवं कर्तव्यों की जानकारी देते हुए कानून के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा जीवन की सबसे बड़ी शक्ति है और प्रत्येक माता-पिता को अपने बच्चों को अच्छे संस्कार एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करनी चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों से नशे और अपराध से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि युवाओं में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है। नशा व्यक्ति, परिवार और समाज तीनों को नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज हो जाता है, तो भविष्य में सरकारी नौकरी सहित कई अवसर प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए युवाओं को कानून का पालन करते हुए अनुशासित जीवन अपनाना चाहिए।
कार्यक्रम का संचालन पैरालीगल वालंटियर शिवप्रसाद साहू ने किया, जबकि आभार एवं समापन विद्यालय के प्राचार्य डी.पी. प्रजापति ने किया। शिविर में विद्यालय के शिक्षक, छात्र-छात्राएं तथा सरई न्यायालय के कर्मचारी उपस्थित रहे।













