कार्य में लापरवाही बरतने वाली चार नर्सिंग ऑफिसर को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा जारी किया गया कारण बताओ नोटिस
डाटा एंट्री ऑपरेटर को दी गई अंतिम चेतावनी

सिंगरौली, । जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी एवं व्यवस्थित बनाए रखने के उद्देश्य से जिला स्वास्थ्य अधिकारी एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरगवां का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान संस्थागत प्रसव, रिकॉर्ड संधारण तथा मातृ स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित कार्यों में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा संबंधित कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए आवश्यक सुधार के निर्देश दिए गए हैं।निरीक्षण के दौरान पाया गया कि पीएचसी बरगवां में अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक हुए 94 संस्थागत प्रसवों की ऑनलाइन एंट्री आउटसोर्स डाटा एंट्री ऑपरेटर सुश्री शीला साहू द्वारा लंबित रखी गई है। जबकि पूर्व में कई बार निर्देशित किया जा चुका है कि संस्थागत प्रसव से संबंधित जानकारी का ऑनलाइन अपडेट एक सप्ताह से अधिक लंबित न रखा जाए, अन्यथा जननी सुरक्षा योजना एवं प्रसूति सहायता योजनाओं के भुगतान प्रभावित होते हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा संबंधित डाटा एंट्री ऑपरेटर को अंतिम चेतावनी जारी की गई है तथा एक सप्ताह के भीतर समस्त लंबित एंट्री पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।
साथ ही लेबर रूम एवं मातृ स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित अभिलेखों की जांच में नर्सिंग अधिकारियों सुश्री करूणा पटेल, सुश्री अंजू सोनी, सुश्री मीरा शाह एवं सुश्री उर्मिला साहू को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। जांच में रिकॉर्ड संधारण में कई विसंगतियां पाई गईं। एएनसी रजिस्टर में गर्भवती महिलाओं की जांच संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी जैसे हीमोग्लोबिन टेस्ट, यूरिन टेस्ट एवं ओजीटीटी टेस्ट का पूर्ण विवरण दर्ज नहीं पाया गया। इसके अतिरिक्त पीएमएसएमए हाईरिस्क रजिस्टर उपलब्ध नहीं था तथा संस्थान में हुए प्रसवों की केस शीट भी व्यवस्थित रूप से संधारित नहीं की जा रही थी। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। संबंधित कर्मचारियों को अपने दायित्वों के निर्वहन में पूर्ण प्रतिबद्धता एवं गंभीरता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही संबंधित नर्सिंग अधिकारियों को दो दिवस के भीतर कारण बताओ नोटिस का जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित समयावधि में संतोषजनक जवाब प्राप्त न होने की स्थिति में संबंधितों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।













