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एनटीपीसी विंध्याचल में देशभक्ति के साथ मनाया 80वां स्वतंत्रता दिवस

सिंगरौली। एनटीपीसी विंध्याचल में 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास, गरिमा और देशभक्ति के साथ मनाया गया। डॉ. बी.आर. अंबेडकर स्टेडियम में आयोजित समारोह के मुख्य अतिथि कार्यकारी निदेशक किशोर कुमार होता रहे। कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारी, सीआईएसएफ जवान, विद्यालयों के प्राचार्य-शिक्षक, विद्यार्थी, कर्मचारी, मीडिया प्रतिनिधि और टाउनशिप निवासी मौजूद रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत वंदे मातरम् के गायन से हुई। इसके बाद किशोर कुमार होता ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और राष्ट्रगान हुआ। उन्होंने विभिन्न दलों का निरीक्षण किया। सीआईएसएफ जवानों तथा टाउनशिप के विद्यालयों के विद्यार्थियों ने शानदार मार्च-पास्ट प्रस्तुत किया।
अपने संबोधन में होता ने एनटीपीसी विंध्याचल की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कर्मचारियों के समर्पण और परिश्रम की सराहना की। कार्यक्रम में मार्च-पास्ट के लिए बेस्ट टर्नआउट एवं बेस्ट कंटिंजेंट अवॉर्ड, कक्षा 10वीं एवं 12वीं के 12 मेधावी विद्यार्थियों को बेस्ट स्टूडेंट अवॉर्ड तथा मेधा प्रतियोगिता-2026 के विजेताओं को सम्मानित किया गया। इसके अलावा 86 कर्मचारियों को HOP Meritorious Awards, सात Health Champions और चार कर्मचारियों को मानवता पुरस्कार प्रदान किए गए।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में डीपीएस के विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण और ‘एक पेड़ मां के नाम’ का संदेश दिया। डीपॉल स्कूल ने दांडी मार्च तथा एसएसएम के विद्यार्थियों ने भारत की विविधता में एकता को प्रस्तुत किया। सीआईएसएफ के साहसिक प्रदर्शन ने भी दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर किशोर कुमार होता ने परियोजना नेतृत्व दल एवं लेडीज क्लब की वरिष्ठ सदस्यों के साथ विंध्य अस्पताल पहुंचकर मरीजों को फल वितरित किए और शुभकामनाएं दीं।

छात्राओं को बांटी 16 साइकिलें
बालिका सशक्तिकरण एवं समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एनटीपीसी विंध्याचल की सीएसआर पहल के तहत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय विंध्यनगर की छात्राओं को 16 साइकिलें वितरित की गईं। साइकिलों का वितरण किशोर कुमार होता एवं सुहासिनी संघ की अध्यक्ष पद्मालया होता ने किया।
इस पहल का उद्देश्य छात्राओं का आवागमन आसान बनाना, विद्यालय में नियमित उपस्थिति को बढ़ावा देना और शिक्षा के मार्ग में आने वाली व्यावहारिक बाधाओं को कम करना है। कार्यक्रम के अंत में राष्ट्र निर्माण, उत्कृष्टता, नवाचार, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक विकास में निरंतर योगदान देने का संकल्प लिया गया।

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