महिला दिवस पर वित्त मंत्री का बयान: वित्तीय सेवाओं तक पहुंच से महिलाओं को मिली असली आजादी

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि वित्तीय सेवाओं तक महिलाओं की पहुंच ने उन्हें वास्तविक आजादी और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर दिया है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने संदेश में उन्होंने कहा कि जनधन खाता और “लखपति दीदी” जैसी सरकारी योजनाएं महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बना रही हैं और देशभर में परिवारों व समुदायों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।
जन धन योजना की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार देश में अब तक 57.71 करोड़ जनधन खाते खोले जा चुके हैं, जिनमें से 28 करोड़ से अधिक खाते महिलाओं के नाम पर हैं। इन खातों के माध्यम से महिलाओं तक सीधे वित्तीय सेवाएं पहुंच रही हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्वतंत्रता मजबूत हुई है।
वहीं लखपति दीदी योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। इस योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) से जुड़ी महिलाओं को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और संसाधन उपलब्ध कराए जाते हैं, ताकि वे सालाना एक लाख रुपये या उससे अधिक की आय अर्जित कर आत्मनिर्भर बन सकें।
इसी अवसर पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भी महिलाओं के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि “नारी शक्ति” नए भारत के निर्माण की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं के लिए अवसर बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि महिलाएं उद्यमशीलता, खेल, रक्षा, विज्ञान और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों में अपने दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास के साथ भारत के परिवर्तन का नेतृत्व कर रही हैं। महिला दिवस के अवसर पर उन्होंने महिलाओं की शक्ति और आकांक्षाओं को आगे बढ़ाने तथा मजबूत और समृद्ध भारत के निर्माण में उनकी भूमिका को और सुदृढ़ करने का आह्वान किया।













