शासकीय जमीन अतिक्रमण मामले में हाईकोर्ट सख्त, बरगवां तहसीलदार को तत्काल कार्रवाई के निर्देश

सिंगरौली। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने शासकीय जमीन पर हुए अतिक्रमण के मामले में सख्त रुख अपनाते हुए बरगवां तहसीलदार को तत्काल प्रभाव से अतिक्रमण हटाने के आदेश का पालन करने के निर्देश दिए हैं। न्यायमूर्ति संजीव एस. कलगांवकर की एकल पीठ ने रिट याचिका क्रमांक 14910/2026 की सुनवाई के दौरान यह आदेश जारी किया।
याचिकाकर्ता भरत सिंह ने हाईकोर्ट में दायर याचिका में बताया था कि तहसील बरगवां अंतर्गत ग्राम डगा और गड़रिया में शासकीय भूमि पर रमेश, अरुण कुमार और राजीव कुमार द्वारा अवैध कब्जा किया गया है। इस संबंध में वर्ष 2025 में तहसीलदार कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत किया गया था।
मामले में तहसीलदार बरगवां ने ग्राम डगा के लिए 25 सितंबर 2025 को अतिक्रमण हटाने का आदेश जारी किया था, जबकि ग्राम गड़रिया के लिए 24 फरवरी 2025 को बेदखली आदेश पारित किया गया था। बाद में संबंधित पक्षों द्वारा दायर अपील को वरिष्ठ न्यायालय ने 20 अगस्त 2025 को खारिज कर दिया था और अतिक्रमण की पुष्टि भी की थी।
सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया कि आदेश पारित होने और अपील खारिज होने के बावजूद तहसील कार्यालय द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं की गई। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता संजीव कुमार तिवारी ने अदालत में तर्क दिया कि तहसीलदार अपने ही आदेश को लागू कराने में विफल रहे, जिससे न्याय प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने तहसीलदार बरगवां को निर्देश दिया कि ग्राम डगा और गड़रिया में शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने संबंधी आदेशों का तत्काल पालन सुनिश्चित किया जाए। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि जब उच्च अधिकारियों द्वारा भी आदेश की पुष्टि की जा चुकी है, तब कार्रवाई में और देरी उचित नहीं है।
हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद बरगवां क्षेत्र में राजस्व विभाग पर लंबित अतिक्रमण हटाने का दबाव बढ़ गया है। वहीं भू-कारोबारियों में भी खलबली मच गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में ग्राम डगा और गड़रिया की शासकीय जमीनों पर बड़े स्तर पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू हो सकती है।







