ननि के वार्ड क्रमांक 32 का मामला, वाटर सप्लाई में फोर्स की कमी से जूझ रहे रहवासी

आधे घंटे के जलापूर्ति से ग्रीन हाट कॉलोनी के विस्थापितो की नही बुझती प्यास धीरे-धीरे शुरू होने लगी है पानी की किल्लत
पोल खोल सिंगरौली
एनटीपीसी से विस्थापित ग्रीन हाट कॉलोनी में निवासरत सैकड़ों परिवारों को आज भी नगर निगम पानी की सप्लाई बमुश्किल आधे घंटे कर रहा है। गौरतलब है कि बारिश का मौसम अभी गया भी नहीं वार्ड क्रमांक 32 और 33 में पानी की किल्लत शुरू हो गई है।
हालत यह है कि विस्थापित कॉलोनी में भी जरूरत भर के लिए पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा। हालत यह है कि पानी के लिए विस्थापित कराह रहे हैं। हालांकि पार्षद श्यामला वर्मा ने कई बार कमिश्नर को पत्र लिखकर एक नई टंकी बनाकर पानी सप्लाई करने की बात कही, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने अब तक समस्या को दूर नहीं कर पाए। मिली जानकारी के अनुसार नगर निगम के वार्ड क्रमांक 32 और 33 में पानी की समस्या शुरू हो गई है।
सबसे ज्यादा समस्या ग्रीन हाट कॉलोनी में एनटीपीसी ने सैकड़ों विस्थापितों को प्लांट आवंटित किया। जहां एनटीपीसी ने हजारों विस्थापितों की बसाहट के लिए सड़क, बिजली और पानी की व्यवस्था के लिए नगर निगम को फंड तो मुहैया करा दिया। लेकिन एनटीपीसी के जिम्मेदारों ने कभी विस्थापितों का हाल जानने की जहमत नहीं उठाई। नतीजा एनटीपीसी की बनाई गई, पीसीसी सड़क को सीवर लाइन के ठेकेदार ने जगह-जगह तोड़कर कचूमर निकाल दिया।
वही सड़क को बिना कंप्रेसर किए सीमेंट गिट्टी का लेप लगाकर सड़क बना दी। अब सड़क जगह-जगह धस रही हैं। वही दूसरी तरफ विस्थापितों को नगर निगम प्रतिदिन बमुश्किल आधे घंटे ही पानी उपलब्ध करा रहा है। लिहाजा बोर्ड के लोगों को जरूरत के लिए भी पानी नहीं मिल पा रहा।
बताया जा रहा है की वार्ड क्रमांक 32 में विस्थापित कॉलोनी में करीब 700 नल कनेक्शन हुए हैं जबकि पूरे वार्ड में करीब 1000 घरों में कनेक्शन लिए गए हैं। वहीं वार्ड क्रमांक 33 करीब 600 घरों में नल कनेक्शन लिए गए हैं। वहीं नगर पालिक लंबे समय से वार्ड क्रमांक 32 सेक्टर नंबर एक और सेक्टर नंबर-2 में संडे मार्केट में बनी पानी की टंकी से पानी की सप्लाई कर रहा है। वार्ड 32 में हकीकत जानी तो लोगों ने पेयजल संकट का दुखड़ा सुनाया।
इनका कहना:-
एक तो सिर्फ आधे घंटे पानी की सप्लाई की जा रही है, वहीं दूसरी तरफ फोर्स कम होने के चलते लोगों को जरूरत के मुताबिक पानी नहीं मिल पा रहा है। कई बार कमिश्नर, महापौर और अध्यक्ष से एक और टंकी बनवाने के लिए पत्र भी लिखा गया, लेकिन अधिकारियों के द्वारा यही कहा जाता है कि प्रस्ताव भेज दिया गया है। श्यामला वर्मा
पार्षद, वार्ड क्रमांक 32













