बर्खास्त सब-रजिस्ट्रार अशोक सिंह परिहार को शासन से बड़ी राहत, सेवा समाप्ति के आदेश पर लगी रोक

सिंगरौली: दो से अधिक संतान होने के आधार पर बर्खास्त किए गए सिंगरौली में पदस्थ सब-रजिस्ट्रार अशोक सिंह परिहार को राज्य शासन से बड़ी राहत मिली है। वाणिज्यिक कर विभाग ने उनकी सेवा समाप्ति के आदेश पर अंतरिम रोक (स्टे) लगा दी है। परिहार द्वारा शासन के समक्ष दायर की गई अपील और उपमुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद यह फैसला लिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक द्वारा 11 जून 2026 को एक आदेश जारी किया गया था, जिसमें दो से अधिक संतान होने के कारण सब-रजिस्ट्रार अशोक सिंह परिहार की सेवाएं समाप्त कर दी गई थीं। इस फैसले के विरोध में परिहार ने 15 जून 2026 को राज्य शासन के समक्ष अपील दायर की।
अपील में परिहार ने तर्क दिया कि उनके तीसरे बच्चे का जन्म 19 नवंबर 2003 को हुआ था। ऐसे में लगभग 23 वर्ष बाद संशोधित प्रावधानों के आधार पर उनकी सेवा समाप्त करना किसी भी नजरिए से उचित नहीं है।
उपमुख्यमंत्री के समक्ष पेश हुए परिहार
इस मामले में राहत की मांग को लेकर बर्खास्त सब-रजिस्ट्रार ने उपमुख्यमंत्री एवं वाणिज्यिक कर मंत्री जगदीश देवड़ा से मिलकर अपना पक्ष रखा। शासन ने सुनवाई के बाद यह माना कि अपील के अंतिम निराकरण में समय लग सकता है और इस दौरान सेवा समाप्ति आदेश प्रभावी रहने से उन्हें अपूरणीय क्षति हो सकती है।
इसी को आधार बनाते हुए वाणिज्यिक कर विभाग के अपर सचिव राजेश ओगरे ने 15 जून 2026 को आदेश जारी कर बर्खास्तगी पर रोक लगा दी। अब अपील पर अंतिम निर्णय आने तक परिहार की सेवाएं बहाल मानी जाएंगी और यथास्थिति बनी रहेगी।
करप्शन की शिकायतों के कारण हुई थी कार्रवाई!
इस पूरे घटनाक्रम में एक अहम पहलू यह भी है कि सब-रजिस्ट्रार अशोक सिंह परिहार पर भ्रष्टाचार (करप्शन) के आरोप लगते रहे हैं। विभाग में उनकी कार्यशैली को लेकर कई शिकायतें दर्ज थीं। माना जा रहा है कि इन्हीं शिकायतों के चलते उन्हें सेवा से मुक्त करने के लिए ‘तीन संतान’ वाले नियम का सहारा लिया गया था।
सीएम डॉ. मोहन यादव के फैसले का मिला लाभ
हाल ही में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है कि केवल तीन संतान होने के कारण किसी भी कर्मचारी की नौकरी नहीं जाएगी। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री के इसी फैसले के चलते अशोक सिंह परिहार को सेवा से बर्खास्त किए जाने के तुरंत बाद यह बड़ी राहत मिल गई है।













