अवैध शराब बिक्री और शिक्षकों पर गैर-शैक्षणिक बोझ के खिलाफ अखिल भारतीय किसान सभा का ज्ञापन

सिंगरौली। अखिल भारतीय किसान सभा मध्यप्रदेश के नेतृत्व में जिले की दो गंभीर समस्याओंअवैध शराब बिक्री और सरकारी स्कूलों में शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाए जाने—को लेकर कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा गया। किसान सभा के प्रदेश सचिव राजकुमार शर्मा ने कहा कि दोनों ही मुद्दे सीधे तौर पर समाज और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़े हैं, इसलिए प्रशासन को तत्काल प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि जिले में लाइसेंस प्राप्त शराब दुकानों से शराब निकालकर पान दुकानों, किराना दुकानों, मोबाइल दुकानों तथा अन्य निजी स्थानों पर खुलेआम बेची जा रही है। इससे युवाओं में नशे की प्रवृत्ति बढ़ रही है और घरेलू हिंसा, अपराध तथा सड़क दुर्घटनाओं जैसी घटनाओं में भी वृद्धि हो रही है। किसान सभा ने इसे प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम बताते हुए अवैध शराब कारोबार पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन में मांग की गई कि अवैध शराब बिक्री की तत्काल जांच कर उसे बंद कराया जाए, नियमों का उल्लंघन करने वाले लाइसेंसधारियों के लाइसेंस निरस्त किए जाएं तथा आबकारी, पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम बनाकर नियमित जांच अभियान चलाया जाए। साथ ही स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और धार्मिक स्थलों के आसपास शराब बिक्री पर विशेष निगरानी रखने एवं शिकायतों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी करने की मांग भी की गई।
वहीं दूसरे ज्ञापन में सरकारी स्कूलों की बिगड़ती शिक्षण व्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा गया कि शिक्षकों को विभागीय सर्वेक्षण, डेटा संकलन, कार्यालयीन कार्य और अन्य प्रशासनिक जिम्मेदारियों में लगातार लगाया जा रहा है। इससे विद्यालयों में पढ़ाई प्रभावित हो रही है और विद्यार्थियों का शैक्षणिक नुकसान हो रहा है।
प्रदेश सचिव राजकुमार शर्मा ने कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) 2009 की धारा 27, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 तथा विभिन्न न्यायालयीन निर्णयों में स्पष्ट रूप से शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त रखने की बात कही गई है। इसके बावजूद शिक्षकों पर लगातार अतिरिक्त कार्यों का बोझ डाला जा रहा है।
किसान सभा ने मांग की कि जिले के सभी सरकारी शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त किया जाए, आरटीई अधिनियम की धारा 27 एवं 25(2) का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए, शिक्षकों की कमी वाले विद्यालयों में शीघ्र नियुक्तियां की जाएं तथा शिक्षण कार्य को प्रभावित करने वाले प्रशासनिक आदेशों पर रोक लगाई जाए।
अखिल भारतीय किसान सभा के प्रदेश सचिव राजकुमार शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि दोनों मुद्दों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन व्यापक जनआंदोलन करने को बाध्य होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।












