सीबीएसई ने तीन-भाषा नीति में दी राहत, 9वीं के छात्रों को दो विदेशी भाषाएं चुनने की छूट

नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू होने वाली तीन-भाषा नीति में विद्यार्थियों को बड़ी राहत दी है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान 10वीं कक्षा के छात्रों पर नई भाषा व्यवस्था लागू नहीं होगी। वहीं, 2026-27 में 9वीं कक्षा में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को एक बार की विशेष छूट देते हुए दो विदेशी भाषाओं के साथ एक भारतीय भाषा पढ़ने की अनुमति दी गई है।
सीबीएसई के अनुसार वर्तमान 10वीं के छात्रों को तीसरी भाषा की बोर्ड परीक्षा नहीं देनी होगी। इसी तरह कक्षा 7 से 9 तक के मौजूदा विद्यार्थियों को भी 10वीं में पहुंचने पर नई भाषा व्यवस्था के तहत अतिरिक्त बोर्ड परीक्षा से छूट मिलेगी।
बोर्ड ने बताया कि यह विशेष व्यवस्था केवल संक्रमण काल के लिए लागू की गई है, ताकि नई नीति लागू होने के दौरान विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो। हालांकि विदेशी भाषा चुनने वाले विद्यार्थियों के लिए एक भारतीय भाषा का अध्ययन अनिवार्य रहेगा।
गौरतलब है कि 15 मई 2026 को जारी परिपत्र में 9वीं कक्षा से दो भारतीय भाषाओं सहित तीन भाषाओं का अध्ययन अनिवार्य करने की घोषणा की गई थी, जिसका कई राज्यों में विरोध हुआ था। इस नीति को सुप्रीम कोर्ट में भी चुनौती दी गई है, जहां मामले की अगली सुनवाई जुलाई के दूसरे सप्ताह में प्रस्तावित है।
सीबीएसई ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत पहली 10वीं बोर्ड परीक्षा वर्ष 2028 में आयोजित होगी। बोर्ड का कहना है कि नई शिक्षा नीति को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों और स्कूलों को पर्याप्त तैयारी का समय मिल सके।













