ट्रंप को सुप्रीम कोर्ट से झटका: जन्मसिद्ध नागरिकता खत्म करने की कोशिश पर रोक

वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उनकी आव्रजन नीति पर बड़ा कानूनी झटका लगा है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने जन्मसिद्ध नागरिकता (Birthright Citizenship) को सीमित करने संबंधी ट्रंप प्रशासन के कार्यकारी आदेश पर रोक बरकरार रखते हुए उसे फिलहाल लागू होने से रोक दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से दिए फैसले में कहा कि अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन के तहत अमेरिका में जन्म लेने वाले बच्चों को मिलने वाली नागरिकता के अधिकार को कार्यकारी आदेश के जरिए समाप्त नहीं किया जा सकता। अदालत ने निचली अदालत के आदेश को भी बरकरार रखा।
ट्रंप प्रशासन ने सत्ता में वापसी के बाद आदेश जारी कर कहा था कि जिन बच्चों के माता-पिता न अमेरिकी नागरिक हैं और न ही ग्रीन कार्ड धारक, उन्हें केवल अमेरिका में जन्म लेने के आधार पर नागरिकता नहीं दी जाएगी। इस फैसले को कई मानवाधिकार संगठनों और कानूनी विशेषज्ञों ने संविधान के खिलाफ बताते हुए अदालत में चुनौती दी थी।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि ट्रंप का आदेश संविधान के 14वें संशोधन का उल्लंघन करता है। अदालत ने भी माना कि दशकों से लागू संवैधानिक व्यवस्था में केवल सीमित अपवाद हैं और जन्मसिद्ध नागरिकता का सिद्धांत अब भी प्रभावी रहेगा।
यह वर्ष 2026 में ट्रंप प्रशासन को सुप्रीम कोर्ट से मिला दूसरा बड़ा झटका माना जा रहा है। इससे पहले अदालत उनकी वैश्विक शुल्क (टैरिफ) नीति पर भी रोक लगा चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से अमेरिका में जन्म लेने वाले बच्चों की नागरिकता फिलहाल सुरक्षित रहेगी, जबकि ट्रंप प्रशासन की आव्रजन नीति को आगे बढ़ाने की राह और कठिन हो गई है।













