बीसीसीआई ने बढ़ाई खिलाड़ियों की फिटनेस परीक्षा की सख्ती
ब्रोंको टेस्ट के नए नियम लागू, 1200 मीटर दौड़ 5 मिनट 20 सेकंड में करनी होगी पूरी

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम में जगह बनाने और लंबे समय तक बने रहने के लिए अब खिलाड़ियों को और कड़े फिटनेस मानकों से गुजरना होगा। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने खिलाड़ियों की फिटनेस जांच को लेकर ब्रोंको टेस्ट के नियमों में बदलाव करते हुए मानक और कठिन कर दिए हैं।
ब्रोंको टेस्ट में समय सीमा हुई कम
नई व्यवस्था के तहत खिलाड़ियों को अब 1200 मीटर की दौड़ 5 मिनट 15 सेकंड से 5 मिनट 20 सेकंड के अंदर पूरी करनी होगी। इससे पहले खिलाड़ियों को यह दूरी पूरी करने के लिए 6 मिनट का समय दिया जाता था। वहीं 2 किलोमीटर दौड़ के लिए खिलाड़ियों को 9 से 10 मिनट की समय सीमा में प्रदर्शन करना होगा।
पहले भारतीय खिलाड़ियों की फिटनेस जांच के लिए यो-यो टेस्ट का इस्तेमाल प्रमुख रूप से किया जाता था, लेकिन अब ब्रोंको टेस्ट को प्राथमिक फिटनेस परीक्षा के तौर पर लागू किया जा रहा है।
चोटों और फिटनेस स्तर को देखते हुए फैसला
बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ने खिलाड़ियों में बढ़ती चोटों और फिटनेस स्तर में गिरावट को देखते हुए यह बदलाव किया है। बीसीसीआई ने टीम प्रबंधन और मेडिकल स्टाफ के बीच बेहतर तालमेल के लिए न्यूनतम फिटनेस मानक भी तय किए हैं।
बीसीसीआई सूत्रों के अनुसार पिछले कुछ समय से फिटनेस मानकों में सख्ती नहीं बरती जा रही थी। कुछ वरिष्ठ खिलाड़ियों को अपेक्षाकृत आसान लक्ष्य दिए जाने की बात भी सामने आई थी। अब बोर्ड ने सभी खिलाड़ियों के लिए समान फिटनेस मानक लागू करने की तैयारी की है।
खिलाड़ियों के वजन और फिटनेस पर भी नजर
रिपोर्ट के मुताबिक कुछ खिलाड़ियों को फिटनेस संबंधी समस्याओं के बावजूद खेलने की अनुमति दिए जाने पर भी सवाल उठे थे। इंग्लैंड दौरे के दौरान हर्षित राणा को फिटनेस कारणों से वापस भेजा गया था। उस समय उनका वजन करीब 97 किलोग्राम बताया गया था। अब उनके लिए वजन 96 किलोग्राम से कम रखने का लक्ष्य तय किया गया है।
फिलहाल उनका वजन करीब 94 किलोग्राम बताया जा रहा है और जल्द ही उन्हें पूरी तरह फिट घोषित किए जाने की संभावना है। बीसीसीआई के इस फैसले से साफ है कि अब टीम इंडिया में चयन के लिए कौशल के साथ-साथ बेहतरीन फिटनेस को भी सबसे ज्यादा महत्व दिया जाएगा।












