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नेपाल में तबाही के बाद बिहार पर बाढ़ का खतरा गहराया, 10 जिले हाई अलर्ट पर

मुख्य सचिव ने की उच्चस्तरीय समीक्षा, NDRF की 9 टीमें तैनात; गंडक-कोसी के जलस्तर पर प्रशासन की नजर

पटना। पड़ोसी नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में भीषण बाढ़ और अचानक आई फ्लैश फ्लड के बाद बिहार में भी बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। नेपाल के रासुवा क्षेत्र में भोटेकोशी-त्रिशूली नदी प्रणाली में अचानक बढ़े जलप्रवाह को देखते हुए बिहार सरकार ने सीमावर्ती और निचले इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी है। गंडक और कोसी नदी प्रणाली में संभावित जलस्तर वृद्धि को देखते हुए करीब 10 संवेदनशील जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में बुधवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबंधित जिलों के जिलाधिकारी और वरीय पुलिस अधिकारी बैठक में शामिल हुए। अधिकारियों को नदियों के जलस्तर, तटबंधों और निचले इलाकों पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

सीमावर्ती जिलों में बढ़ाई गई निगरानी

पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली समेत करीब 10 जिलों को विशेष रूप से सतर्क किया गया है। प्रशासन को जरूरत पड़ने पर निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। राहत शिविरों, नावों और बचाव उपकरणों की उपलब्धता की भी समीक्षा की जा रही है।

नेपाल की भोटेकोशी-त्रिशूली नदी प्रणाली का जलप्रवाह आगे चलकर नारायणी यानी गंडक नदी प्रणाली से जुड़ता है। नेपाल की अन्य नदियों का प्रवाह भी बिहार की प्रमुख नदियों से जुड़ा है। ऐसे में ऊपरी इलाकों में अचानक बढ़ा पानी बिहार के मैदानी क्षेत्रों में दबाव बढ़ा सकता है।

NDRF की 9 टीमें तैनात

संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) को अलर्ट कर दिया गया है। NDRF के कमांडेंट हितेंद्र पाल सिंह कंडारी के मुताबिक बिहार में फिलहाल नौ टीमें तैनात हैं। नेपाल में आई बाढ़ की स्थिति को देखते हुए दो अतिरिक्त टीमें भी बिहार भेजी गई हैं।

NDRF की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात हैं, ताकि जलस्तर बढ़ने या बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने पर तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया जा सके।

नेपाल में बड़ी संख्या में लोग लापता

नेपाल के रासुवा क्षेत्र में आई बाढ़ से भारी नुकसान की खबर है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक प्रभावित इलाकों में 384 यात्री लापता बताए गए हैं, जिनमें 291 विदेशी और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं। लापता विदेशी नागरिकों में करीब 105 भारतीय होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि राहत और बचाव अभियान जारी रहने के कारण आंकड़ों में बदलाव की संभावना है।

नदी किनारे बसे गांवों पर विशेष नजर

बिहार प्रशासन की चिंता गंडक और कोसी जैसी नदियों के जलस्तर को लेकर है। मानसून के दौरान पहले से संवेदनशील इन नदियों में नेपाल से अचानक अतिरिक्त पानी आने पर निचले इलाकों और नदी किनारे बसे गांवों पर दबाव बढ़ सकता है।

जिलाधिकारियों को जलस्तर में किसी भी असामान्य वृद्धि की सूचना तत्काल उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही कमजोर तटबंधों की पहचान और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।

फिलहाल बिहार में व्यापक बाढ़ की स्थिति की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन नेपाल में आई तबाही को देखते हुए सरकार ने एहतियात के तौर पर पूरी मशीनरी को सक्रिय कर दिया है। आने वाले घंटों में नेपाल से आने वाले पानी और गंडक-कोसी के जलस्तर पर प्रशासन की निगाह बनी रहेगी।

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